इंदौर: लोन स्वीकृत कराने और प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन बढ़ाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया है. आरोपी फाइनेंस कंपनियों और बैंकों में लोन एजेंट/ब्रोकर के रूप में काम करता था. आरोप है कि उसने चोला मंडल फाइनेंस कंपनी से 2 करोड़ 5 लाख रुपए का लोन स्वीकृत कराने के बाद प्रॉपर्टी की अधिक वैल्यूएशन और स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर आवेदक से आरटीजीएस व नकद में रकम ली और हड़प ली.
शिकायत की जांच में सामने आया कि तेजाजी नगर निवासी नवीन ओझा ने आवेदक को विश्वास में लेकर लोन स्वीकृत कराया था. जांच में फर्जी और कूटरचित सर्च व वैल्यूएशन रिपोर्ट तैयार कराने की बात भी सामने आई. कंपनी और अन्य सहयोगियों के नाम का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने के साथ राशि वापस मांगने पर आवेदक को धमकाने का आरोप भी है. मामले में क्राइम ब्रांच ने नवीन ओझा के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है. उसके कब्जे से लोन स्वीकृति के लिए तैयार फर्जी व कूटरचित सर्च और वैल्यूएशन दस्तावेज संबंधित सामग्री जब्त की गई है.
जांच में आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है. उसके खिलाफ भंवरकुआं थाने में वर्ष 2014 में मारपीट, धमकी व दहेज प्रताड़ना से संबंधित प्रकरण दर्ज था. पुलिस आरोपी के अन्य सहयोगियों और वित्तीय संस्थानों के संभावित मिलीभगत नेटवर्क की भी जांच कर रही है. मामले में एडीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने बताया कि लोन एजेंट/ब्रोकर के रूप में काम करने वाले नवीन ओझा के खिलाफ शिकायत की जांच में फर्जी सर्च और वैल्यूएशन रिपोर्ट के जरिए धोखाधड़ी करने के तथ्य सामने आए हैं. आरोपी ने 2 करोड़ 5 लाख रुपए का लोन स्वीकृत कराने के बाद प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन और स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर रकम ली थी. मामले में केस दर्ज कर आरोपी के अन्य सहयोगियों और वित्तीय संस्थानों से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है.
