वाशिंगटन / तेहरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अंततः ईरान हार मान लेगा। ट्रंप ने यह बयान अमेरिकी टेक दिग्गजों के साथ एक बैठक के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि अमेरिका ने पिछले कुछ दिनों में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से इतिहास में किसी भी समय की तुलना में सबसे अधिक तेल निकाला है। इस बैठक के दौरान ट्रंप ने एक संघीय आदेश पर हस्ताक्षर कर आधिकारिक तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम बदलकर ‘सुपर इंटेलिजेंस’ (SI) करने की भी घोषणा की, जिसे अब सरकारी दस्तावेजों में इसी नाम से लिखा जाएगा।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ की कड़ी चेतावनी, कहा- यदि हमारी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई तो कोई बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा
ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने एक सार्वजनिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे भ्रामक और निराधार हैं। गालिबफ ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो इस क्षेत्र में न तो कोई अन्य देश तेल बेच पाएगा और न ही किसी भी प्रकार का बुनियादी ढांचा सुरक्षित रह पाएगा। तेहरान के इस कड़े रुख से मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
परमाणु समझौते पर बातचीत और प्रतिबंधों में राहत की संभावना, अमेरिकी अधिकारी ने दी अहम जानकारी
इस गहमागहमी के बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन को जानकारी दी है कि यदि तेहरान परमाणु मुद्दे पर ठोस और सकारात्मक प्रगति दिखाता है, तो अमेरिका अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और उसके जमे हुए धन को जारी करने के लिए तैयार है। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जब तक परमाणु संकट का स्थायी समाधान नहीं निकल जाता, तब तक कोई भी नया समझौता संभव नहीं है। मध्यस्थों के जरिए दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन होर्मुज मार्ग को लेकर चल रही तनातनी ने हालात को जटिल बना दिया है।

