इंदौर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी इंदौर की सिविल इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर नीलिमा सत्यम देवरकोंडा को भू-जोखिम के क्षेत्र में उल्लेखनीय शोध के लिए अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन के 2026 देवेंद्र लाल मेमोरियल मेडल के लिए चुना गया है. पृथ्वी एवं अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध के लिए दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मान से प्रो. नीलिमा के करीब दो दशक के शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है.
प्रो. नीलिमा का शोध मुख्य रूप से भूकंपीय जोखिम, भूस्खलन और भू-जोखिम की निगरानी पर केंद्रित रहा है. उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित और मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित किए हैं. उनके नाम अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 151 शोध-पत्र और पांच स्वीकृत पेटेंट हैं. वह सरकारी संस्थाओं और निजी निर्माण क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न शोध एवं तकनीकी परियोजनाओं में भी योगदान देती रही हैं. वैज्ञानिक शोध को निर्माण क्षेत्र की जरूरतों से जोड़ते हुए उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो और इंडियन रोड्स कांग्रेस की संहिताओं, दिशानिर्देशों और मानकों के विकास एवं संशोधन में भी योगदान दिया है.
सम्मान के लिए चुने जाने पर प्रो. नीलिमा ने इसे वर्षों से किए जा रहे सहयोगात्मक शोध की मान्यता बताया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें सुरक्षित और आपदा-रोधी आधारभूत ढांचे के लिए नए और उपयोगी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा. 9 दिसंबर 2026 को सैन फ्रांसिस्को में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें मेडल प्रदान किया जाएगा. इस अवसर पर वह विशेष व्याख्यान भी देंगी और उन्हें अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन के फेलो के रूप में सम्मानित किया जाएगा. संस्था की वार्षिक बैठक 7 से 11 दिसंबर तक होगी, जिसमें सौ से अधिक देशों के 25 हजार से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है.
