
उपार्जन केंद्रों में पकड़ी गई 8916 क्विंटल धान की हेराफेरी
सीधी 9 मार्च। जिले के धान उपार्जन केंद्रों पर EOW छापे में 8916 क्विंटल धान की हेराफेरी के मामले का पता चला है।
जांच के बाद जिन वेयर हाउसों मे धान की मात्रा बेहद कम मिली थी उनकी मात्रा एफआईआर के बाद भी बढ़ती जा रही है। जिसमें फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिए सरकार को लाखों रुपये की चपत लगाई गई है। इस अनियमितता के खुलासे के बाद आर्थिक अपराध शाखा ईओडब्ल्यू ने पूरे जिले में छापेमारी शुरू कर दी है। अब तक की जांच में 8916 क्विंटल धान की हेराफेरी पकड़ी गई है। औचक जांच की कार्यवाही शनिवार से शुरू हुई। ईओडब्ल्यू की छापेमारी में खरीदी केंद्र टीकट कला में लगभग 2800 क्विंटल कम धान पाई गई। सर्रा में 1670 क्विंटल कम धान एवं बघवार में 637 क्विंटल कम धान पाई गई। वहीं कमर्जी मे 505 क्विंटल, अमिरती मे 416 क्विंटल, बघोर मे 808 क्विंटल व बिठौली मे 2081 क्विंटल धान कम पाई गई है। पूरे जिले में कार्रवाई के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी कम धान पाई गई है।
घोटाला ऐसे हुआ
किसानों के फर्जी रजिस्ट्रेशन कर बिना धान खरीदे ही पोर्टल पर खरीद दर्ज की जाती थी। वेयरहाउस और ट्रांसपोर्ट में गलत रिकॉर्ड तैयार कर भुगतान ले लिया जाता था। समितियों में रखे धान की जगह भूसी या घटिया अनाज रखा जाता था और इसी धान को वेयर हाउसों में भंडारित कर दिया जाता था जिसका भुगतान वेयर हाउस मालिकों द्वारा शासन से लिया जाता था। पता चला है,
ईओडब्ल्यू रीवा की टीम में डीएसपी किरण कीरो, निरीक्षक प्रियंका पाठक एवं उपनिरीक्षक अभिषेक पाण्डेय सहित 15 सदस्यीय लोग हैं।
