
देवास। पिछले चार दिनों से देवास जिले में डॉक्टर ब्लैकमेलिंग कांड सुर्खियों में बना हुआ है। मामला अब पूरे मध्यप्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह है कि देवास में इस तरह का यह पहला मामला है, जिसमें एक अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, इस ब्लैकमेलिंग कांड में करीब 44 लाख रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। अब तक 5 महिला डॉक्टरों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस को अहम सबूत भी सौंपे हैं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 3 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि 3 आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। वहीं बीती रात इस मामले में श्रीकांत उपाध्याय को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, प्राप्त शिकायतों और साक्ष्यों के आधार पर अलग-अलग 4 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में राजेश धनेचा, राम माल्या, सफाना, विजय अरोरा, सिमरन और श्रीकांत उपाध्याय शामिल हैं। आरोपियों के पास से कुछ राशि भी जब्त की गई है।
थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा ने बताया कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि और भी पीड़ित सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
