
सौसर। जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम कसने और नशामुक्ति अभियान को धार देने के लिए आज एसडीएम कार्यालय सौसर में जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन एवं MedLEaPR समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिला दण्डाधिकारी नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने जिले को नशामुक्त बनाने के लिए साझा रणनीति तैयार की।
स्कूलों में नियुक्त होंगे नोडल शिक्षक
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के हर स्कूल में एक शिक्षक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। स्कूलों में पोस्टर और प्रेरक वचनों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अवैध खेती और संदिग्ध दवा दुकानों पर पैनी नजर
बैठक में निर्देश दिए गए कि वन क्षेत्रों और खेतों विशेषकर कपास की खेती के बीच में गांजे की अवैध खेती की संभावनाओं की जांच करें और संदिग्ध स्थानों पर कार्रवाई करें। वहीं, स्वास्थ्य विभाग और औषधि अधिकारी को बिना बिल के दवा बेचने वाली दुकानों और प्रतिबंधित नशीली दवाओं के विक्रय पर कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
MedLEaPR: पारदर्शिता के लिए डिजिटल कदम
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मेडिकल-लीगल मामलों में पारदर्शिता लाने के लिए MedLEaPR प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग अनिवार्य है। उन्होंने सीसीटीएनएस के माध्यम से एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को शत-प्रतिशत ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि नारकोटिक्स मामलों में साक्ष्यों की मॉनिटरिंग सुदृढ़ हो सके।
विभागों में समन्वय पर जोर
पुलिस अधीक्षक सुंदर सिंह कनेश और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में कलेक्टर ने आबकारी विभाग को झुग्गी बस्तियों में जागरूकता बढ़ाने और पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, पुलिस और आबकारी विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
बैठक में ये रहे उपस्थित:
पुलिस अधीक्षक सुंदर सिंह कनेश, डीएफओ सचिन नरगडे अपर कलेक्टर अग्निहोत्री, एएसपी नीरज सोनी, संयुक्त कलेक्टर नेहा सोनी, एसडीएम सिद्धार्थ पटेल, एसडीओपी ब्रजेश भार्गव सहित आबकारी, स्वास्थ्य और कृषि विभाग के अधिकारी।
