
छिंदवाड़ा. आज कांग्रेसी कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध पर्दशन किया और राष्ट्रिपति के नाम ज्ञापन सौंपा. आयोजित प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने आरोप लगाते हुए कहा कि वोट की चोरी से भाजपा प्रदेश और जिले में काबिज हुई है। छिन्दवाड़ा इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। जनता के साथ ही सभी सर्वे यह बता रहे थे कि छिन्दवाड़ा संसदीय सीट कांग्रेस ही जीतेगी, लेकिन स्ट्रांग रूम पीजी कॉलेज जहां ईवीएम रखी थी, वहां घंटों तक बिजली का बंद रहना और तात्कालीन कलेक्टर की वजह से छिन्दवाड़ा संसदीय सीट पर सरकारी सांसद बैठा है। आज भी जनता कह रही कि उन्होंने अपना वोट नकुलनाथ को दिया था। ऐसे गम्भीर सवाल है जो वोट की चोरी को उजागर करते हैं। कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम प्रस्तुत ज्ञापन में कहा कि विश्व का सबसे विश्वसनीय और सबसे बड़ा निर्वाचन आयोग भारत का था, किन्तु भारत निर्वाचन आयोग के भीतर जारी गोलमाल के चलते मतदाताओं के वोटों की चोरी पुष्ट हो चुकी है, जिससे निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। विगत 10 माह में दो निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू एवं विवेक जोशी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए एकतरफा निर्णयों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की गई। इन आपत्तियों में बार-बार यह मुद्दा उठाया गया कि सीईसी द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया जिसमें अनाधिकृत रूप से नए मतदाताओं को जोडऩा, नामों को हटाना तथा निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली को दिल्ली में केन्द्रीकृत करना शामिल है।
निर्वाचन आयुक्तों को अंधेरे में रखा ०००००
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया से दोनों निर्वाचन आयुक्तों को अंधेरे में रखा जा रहा था। कांग्रेस लगातार वोट चोरी पर संज्ञान लेने का आग्रह कर रही थी। किन्तु निर्वाचन आयोग और भाजपा पार्टी के गठजोड़ के चलते कांग्रेस की सुनवाई नहीं हुई। वर्तमान में दोनों निर्वाचन आयुक्तों की आपत्तियों ने यह पुष्ट कर दिया है कि भाजपा वोट की चोरी से सत्ता में सतत रूप से काबिज हो रही और वोट की चोरी में निर्वाचन आयोग मदद कर रहा है। अत:कांग्रेस इस ज्ञापन के माध्यम से आग्रह करती है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा लिया जाए ताकि आगामी चुनाव पूर्ण निष्पक्षता के साथ सम्पन्न हो सके।
पुलिस ने किया वाटर केनन का उपयोग ००००००
कांग्रेसियों की भारी भीड और आंदोलन उग्र होने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे थे। कांग्रेसियों ने ताकत तो दिखाई लेकिन हजार से ज्यादा कांग्रेसी मिलकर भी पुलिस द्वारा लगाए गए वेरिकेट को हिला तक नहीं सके। वहीं दूसरी और जब कुछ कांग्रेसियों ने पुतला जलाना चाहा तो दमकल ने उनके इरादों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने प्रर्दशनकारियों पर वाटर कैनन का प्रयोग कर सभी पर पानी की बैछार कर दी.
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की रही निगरानी ००००००
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग रखी। कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुई रैली कलेक्ट्रेट पहुंची कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी बनी रही।
