शेयर बाजार में गिरावट क्यों नहीं थम रही? जानिए निफ्टी पर दबाव की बड़ी वजहें

नई दिल्ली।भारतीय शेयर बाजार में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है। 29 सितंबर को कारोबार के दौरान निफ्टी और सेंसेक्स दोनों छह महीने के निचले स्तर के आसपास पहुंच गए। सुबह करीब 9:50 बजे निफ्टी 22,606 और सेंसेक्स 72,180 के आसपास कारोबार कर रहे थे। हालांकि, दिन के अंत में दोनों इंडेक्स ने कुछ रिकवरी की और निफ्टी 22,716.20 तथा सेंसेक्स 72,529.07 पर बंद हुए।

*महंगा कच्चा तेल बना सबसे बड़ा दबाव*

बाजार में चिंता की एक प्रमुख वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। 29 सितंबर को ब्रेंट क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। पश्चिम एशिया में सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। ऐसे में लंबे समय तक तेल महंगा रहने पर देश के आयात बिल और महंगाई पर असर पड़ सकता है। कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका भी शेयर बाजार के लिए चिंता का कारण बनती है।

*विदेशी निवेशकों की बिकवाली*

विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। 28 सितंबर को FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में 5,353.22 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। यह सितंबर में एक दिन का सबसे बड़ा FII आउटफ्लो था। दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,189.02 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।

*कमजोर रुपया भी चिंता*

कच्चे तेल की तेजी और विदेशी फंडों के बाहर निकलने का असर रुपये पर भी दिखाई दिया। 29 सितंबर की शुरुआत में रुपया 96 रुपये प्रति डॉलर के स्तर से नीचे जाकर 96.13 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंच गया। महंगा तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली को रुपये पर दबाव की प्रमुख वजहों में गिना गया।

*ऊंची बॉन्ड यील्ड और कमजोर ग्लोबल संकेत*

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों में कमजोरी ने भी भारतीय बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों को लेकर अधिक सतर्क हो सकते हैं। 29 सितंबर को कई प्रमुख एशियाई बाजार भी दबाव में रहे।

*आगे बाजार के लिए क्या अहम रहेगा?*

फिलहाल बाजार की दिशा कई संकेतों पर निर्भर करेगी—कच्चे तेल की कीमत, पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की गतिविधि, रुपये की चाल और वैश्विक बॉन्ड यील्ड इनमें प्रमुख हैं।

इसलिए मौजूदा गिरावट को किसी एक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा। महंगा क्रूड, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कमजोर रुपया, ऊंची बॉन्ड यील्ड और कमजोर वैश्विक संकेत मिलकर भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना रहे हैं।


 

.....

Next Post

दिल्ली में कांग्रेस CWC की बड़ी बैठक, खरगे-सोनिया-राहुल समेत वरिष्ठ नेता मौजूद, SIR और वोटर लिस्ट पर मंथन

Tue Sep 29 , 2026
नई दिल्ली। नई दिल्ली के इंदिरा भवन में मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और CWC सदस्य शामिल हुए। बैठक में […]

You May Like