
रीवा, रीवा-सीधी नेशनल हाईवे पर बीते दिनों हुए सड़क हादसे में कई गौवंश की मौत के बाद अब प्रशासन ने सड़कों पर खुले में घूमने वाले गौवंश को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसी क्रम में आज शुक्रवार को नगर निगम रीवा की गाड़ी गौवंश को सड़क से हटाने के लिए गुढ़ क्षेत्र में पहुंची, लेकिन कार्रवाई के दौरान कुछ गौवंश मालिकों ने इसका विरोध किया।
बताया जा रहा है कि हाईवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाओं में गौवंश के घायल होने और मौत की घटनाओं को लेकर गोरक्षकों में नाराजगी थी। इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को गोरक्षकों ने सड़क पर चक्का जाम कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था।
चक्का जाम के बाद प्रशासन हरकत में आया और सड़क पर आवारा एवं खुले में घूम रहे गौवंश को हटाने तथा उनकी सुरक्षा को लेकर कार्रवाई शुरू की गई।
फिलहाल आज शुक्रवार को जब नगर निगम रीवा की गाड़ी गौवंश को सड़क से हटाने के लिए पहुंची तो कुछ पशु मालिकों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि यदि गौवंश को हटाया जा रहा है तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की समुचित व्यवस्था भी की जानी चाहिए।
वहीं प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क पर खुले में घूम रहे गौवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और राहगीरों के साथ-साथ गौवंश की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
बता दे की रीवा-सीधी नेशनल हाईवे पर हुए हादसे के बाद एक बार फिर यह सवाल सामने आया है कि सड़कों पर खुले में घूमने वाले गौवंश की समस्या का स्थायी समाधान कैसे किया जाए।
केवल कार्रवाई के दौरान गौवंश को सड़क से हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनके सुरक्षित रखरखाव, पशु मालिकों की जिम्मेदारी और नियमित निगरानी की व्यवस्था भी जरूरी है।
अब देखना होगा कि प्रशासन की यह कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है और सड़क पर दोबारा गौवंश न पहुंचें, इसके लिए नगर परिषद गुढ़ एवं संबंधित विभाग आगे क्या स्थायी व्यवस्था करते हैं।
