
ज्यूरिख, 11 सितंबर (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) ने गुरुवार को कहा कि 2030 विश्व कप फाइनल की मेजबानी मोरक्को करेगा या स्पेन, इस बारे में फैसला “उचित समय में” लिया जाएगा। मोरक्को फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष ने दावा किया था कि यह मैच कैसाब्लांका के ग्रैंड स्टेड हसन द्वितीय स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसका निर्माण अभी भी चल रहा है। फीफा ने अभी तकआधिकारिक तौर पर यह घोषणा नहीं की है कि कौन सा देश मेजबान होगा। स्पेन ने हाल ही में संपन्न हुए विश्वकप 2026 में खिताब जीता है, मोरक्को और स्पेन के अधिकारी अगले फाइनल पर अपना दावा ठोक रहे हैं।
फीफा के एक प्रवक्ता ने बताया, “जैसा कि संगठन ने पांच अगस्त को घोषणा की थी,” इस संबंध में निर्णय “उचित समय में” लिया जाएगा।” मोरक्को के फेडरेशन अध्यक्ष फौजी लकजा ने गुरुवार को एक राजनीतिक रैली में कहा कि मोरक्को ने इसे पूरी तरह से अपने नियंत्रण में कर लिया है। उन्होंने कहा, “बेंसलीमेन शहर विश्व कप फाइनल की मेजबानी करेगा। चाहे आपको पसंद हो या नापसंद, और अगर कोई इस पर कुछ कहना चाहता है, तो उसे कहने दीजिए। शहर का नाम बेंसलीमेन है, हसन द्वितीय स्टेडियम ही फाइनल का मैदान है, और मुझे उम्मीद है कि मोरक्को की टीम वहां खेलेगी।”
इस सप्ताह, स्पेनिश फुटबॉल महासंघ के प्रमुख राफेल लूज़ान ने इस बात पर जोर दिया कि स्पेन ही इस मैच का हकदार था, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उसे यह सम्मान मिलना तय नहीं था।
लूजान कहा, “हम सभी ने उम्मीदवारी स्वीकार करने के लिए हस्ताक्षर किए थे… यह बहुत दुख की बात है कि फाइनल के संबंध में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह कहां खेला जाएगा। पुरुष और महिला फुटबॉल दोनों में विश्व चैंपियन होने के नाते स्पेन को फाइनल की मेजबानी करनी चाहिए।” वहीं यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि 2030 में होने वाले इस विशाल, बहुराष्ट्रीय आयोजन को एक यूरोपीय आयोजन माना जाना चाहिए और इसका फाइनल महाद्वीप में ही आयोजित होना चाहिए।
