सतना :अपने बेटे को साथ लेकर बिहार के छपरा से दिल्ली जाने के लिए निकली महिला रास्ता भटककर चित्रकूट क्षेत्र के जंगल में पहुंच गई. जंगल में भूखे-प्यासे जहां-तहां भटकने रहने से एक ओर जहां मां-बेटे बेहाल होने लगे वहीं छालों से उनके पैर भी लहुलुहान हो चुके थे. मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मां-बेटे को जंगल से रेस्क्यू करते हुए उन्हें भोजन व उपचार कराया. जिसके बाद परिजनों को बुलाकर मां-बेटे को उन्हें सौंप दिया गया.
जिले के मझगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कैलाशपुर के रहवासियों ने पुलिस को इस बात की सूचना दी कि गांव से सटे जंगल में एक महिला अपने 5 वर्ष के बेटे के साथ पिछले कई दिनों से भटक रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे ने फौरन ही डायल 112 वाहन को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए. मौके पर पहुंचे प्र.आ. ब्रम्हदत्त शुक्ला ने कुछ देर तक खोजबीन करने के बाद भटक रही महिला और उसके बेटे को ढूंढ लिया. जंगल से रेस्क्यू करते हुए दोनों को डायल 112 वाहन से मझगवां थाने लाया गया.
थाने पहुंचते ही महिला ने कहा कि वह अपने बेटे के साथ कई दिनों से भटक रही थी. कई दिनों से उन्होंने कुछ नहीं खाया. यह सुनते ही थाना प्रभारी द्वारा फौरन ही उनके लिए भोजन मंगवाया गया. वहीं जंगल में भटकते रहने के कारण छालों से लहुलुहान हो चुके पैर को देखते हुए पुलिस द्वारा उन्हें मझगवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराया गया. शारीरिक और मानसिक हालत सामान्य होने पर महिला ने पुलिस को अपनी पहचान श्रीमती बैजंती देवी पति गोपाल मांझी उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम महुआनी अवतारनगर छपरा सारन बिहार के तौर पर बताई. वहीं साथ में मौजूद 5 वर्षीय बेटे का नाम लवकुश मांझी बताया. बैजंती ने आगे बताया कि वे अपने घर से दिल्ली जाने के लिए निकली थीं. लेकिन गलती से दूसरी ट्रेन में बैठ जाने के कारण वे चित्रकूट पहुंच गईं. जहां से भटकते हुए वे कैलाशपुर के जंगल में पहुंच गईं.
भाईयों को देख फफक कर रो पड़ी
बैजंती से मिली जानकारी के आधार पर मझगवां थाने की पुलिस ने फोन कर परिजनों से संपर्क किया और वस्तु स्थिति की जानकारी दी. जिसके चलते बैजंती के दो भाई बाल्मीक मांझी 45 वर्ष और सुनील मांझी 40 वर्ष मझगवां थाने पहुंचे गए. अपने भाईयों को सामने देख जहां बैजंती खुशी के मारे फफक कर रो पड़ी. वहीं बेटे लवकुश की आंखों में चमक आ गई. जिसके बाद दोनों भाई मझगवां पुलिस को हृदय से धन्यवाद देते हुए बहन और भांजे को लेकर वापस घर की ओर लौट गए.
