
ग्वालियर। नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने समग्र ई-केवायसी सत्यापन कार्य की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए क्षेत्र क्रमांक 11 एवं 16 के क्षेत्र अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी क्षेत्र अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 अक्टूबर तक हर हाल में समग्र ई-केवायसी सत्यापन का कार्य पूर्ण किया जाए।
निगम मुख्यालय में आयोजित समय-सीमा बैठक में निगमायुक्त चौधरी ने विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव, प्रदीप तोमर, मुनीश सिंह सिकरवार, अपर आयुक्त वित्त अरविंद शर्मा, उपायुक्त सुनील चौहान, डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, उत्तम जखैनिया, मुकेश बंसल सहित अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं संबंधित विभाग अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने बैठक में बताया कि शहर के ब्लैक स्पॉट समाप्त करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रति सप्ताह 10-10 ब्लैक स्पॉट समाप्त किए जाएं। संबंधित जोनल स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सफाई के बाद उन स्थानों पर दोबारा कचरा न डले। यदि दोबारा कचरा डाला जाता है तो संबंधित के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 30 एवं कटोराताल क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर कचरे के ठिये साफ कराने के निर्देश दिए गए।
सहायक यंत्री अमित गुप्ता से पेच रिपेयरिंग कार्य की जानकारी लेते हुए निगमायुक्त को बताया गया कि एक सप्ताह में 59 सड़कों पर पेच रिपेयरिंग का कार्य कराया गया है।
संपत्तिकर वसूली की समीक्षा में एक सप्ताह के 5 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 1 करोड़ 98 लाख रुपये की वसूली होने पर निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को अगले सप्ताह 5 करोड़ रुपये का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बकायादारों की सूची तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से वसूली की कार्रवाई करने को कहा।
जलकर वसूली की समीक्षा के दौरान एक सप्ताह के 2 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 36 लाख रुपये की वसूली होने पर निगमायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों को प्रत्येक वार्ड में 100 बड़े बकायादारों से जलकर वसूली का लक्ष्य दिया। साथ ही सभी क्षेत्रों में अवैध नल कनेक्शनों को वैध कराने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।बैठक में संबल पंजीयन, संबल अनुग्रह सहायता, भवन संनिर्माण सहायता एवं पंजीयन से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने सभी लंबित प्रकरणों पर समय-सीमा में कार्रवाई करने तथा 7 दिवस से अधिक लंबित आवेदनों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए।
