
शुजालपुर। यातायात नियमों के पालन को लेकर लोगों को जागरूक करने वाले शाजापुर जिले की कालापीपल विधानसभा के भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का बाइक चलाते समय दोनों हाथ हैंडल से हटाने का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। सोमवार को कालापीपल से जामनेर जा रही जन सेवा रैली के दौरान बनाए गए वीडियो में विधायक कार्यकर्ताओं के साथ बाइक चलाते नजर आ रहे हैं। हेलमेट लगाए विधायक कुछ देर के लिए बाइक का हैंडल छोड़कर दोनों हाथ ऊपर उठाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल खड़े किए हैं।
वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल
वीडियो सामने आने के बाद पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने विधायक के इस कृत्य पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग को लेकर सवाल किए। चौधरी ने कहा कि आम नागरिकों, खासकर युवाओं और बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने की सीख दी जाती है। ऐसे में जनप्रतिनिधि द्वारा बाइक चलाते समय हैंडल छोड़ना स्वयं सवाल खड़े करता है।
उन्होंने पूछा कि यदि आम व्यक्ति सड़क पर इस तरह बाइक चलाता है तो उसके खिलाफ चालान और कार्रवाई की जाती है, तो क्या जनप्रतिनिधियों के लिए भी वही नियम लागू होंगे? चौधरी ने सवाल किया कि यह यातायात जागरूकता है या स्टंट?
पहले सीट बेल्ट की सीख, अब बाइक पर हाथ छोड़ने का वीडियो
कुणाल चौधरी ने विधायक के पूर्व के यातायात जागरूकता से जुड़े प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान विधायक गणेश प्रतिमा को कार में सीट बेल्ट लगाकर लाए थे और लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की थी। ऐसे में अब बाइक चलाते समय दोनों हाथ हैंडल से हटाने का वीडियो सामने आने पर विरोधाभास को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
चौधरी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या नियम केवल आम लोगों को समझाने के लिए हैं या उनका पालन जनप्रतिनिधियों को भी करना चाहिए? उन्होंने मुख्यमंत्री और एसपी से सवाल किया कि क्या यातायात नियमों के मामले में आम जनता और जनप्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था है?
विधायक ने माना- गलती हुई, मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने मामले पर सफाई देते हुए गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा कि रैली के दौरान जोश में बाइक चलाते समय उन्होंने कुछ देर के लिए हाथ छोड़ दिए थे। उनका उद्देश्य स्टंट करना नहीं था, लेकिन ऐसा करना गलती थी। विधायक ने इसके लिए माफी मांगते हुए युवाओं से इस तरह बाइक नहीं चलाने की अपील की। उन्होंने आगे ऐसी गलती नहीं दोहराने और यातायात नियमों का पालन करने की बात कही।
जांच के बाद तय होगी कार्रवाई
शुजालपुर एसडीओपी निमेष देशमुख ने कहा कि बाइक चलाते समय हाथ छोड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो की सत्यता और उससे जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसडीओपी ने स्पष्ट कहा कि कानून सभी के लिए समान है।
अब निगाह पुलिस की जांच पर है। विधायक द्वारा गलती स्वीकार कर माफी मांगने के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे कृत्य को लेकर यातायात नियमों के तहत पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
