
ओंकारेश्वर। तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा और कावेरी नदी के पावन संगम क्षेत्र स्थित गया शिला पर श्राद्ध पक्ष में पितरों के मोक्ष के लिए पिंडदान किया जा रहा है।
गया शिला मान्धाता पर्वत के पीछे कावेरी तट पर जंगल में सिद्धवरकूट के समीप स्थित है। यहां ओंकारेश्वर से नाव द्वारा और बड़वाह मार्ग से वाहनों द्वारा पहुंचा जा सकता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार महाभारत काल में पांडवों ने अपने पूर्वजों और युद्ध में मारे गए स्वजनों की आत्मा की शांति के लिए यहां पिंडदान और तर्पण किया था। कहा जाता है कि बिहार के बोधगया (गयाजी) के समान यहां श्राद्ध पक्ष में पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां विधि-विधान से कर्मकांड कराने हेतु विद्वान पंडित उपलब्ध हैं, साथ ही पूजन सामग्री और भोजन-प्रसादी की भी व्यवस्था है।
