
सीधी । सीईओ के आदेश पर बाबू भारी पड़ रहे हैं। मामला जिला पंचायत सीधी में सीईओ के आदेश के बाद भी संबंधित शाखा के बाबू द्वारा आरटीआई की जानकारी नही देने का है।
शहर के समाजसेवी ए. एन.सिंह द्वारा जिला पंचायत सीधी के समक्ष लोक सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन में सीईओ जिला पंचायत सीधी सचिव/रोजगार सहायक 1 सितम्बर 2025 से 15 अक्टूबर 2025 तक किये गये स्थानांतरण संबंधित आदेश एवं नोटशीट की प्रमाणित छायाप्रति, जिपं सीधी द्वारा सचिव/रोजगार सहायक को ग्राम पंचायत का प्रभार देने के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2025 से 15 अक्टूबर 2025 तक जो भी आदेश जारी किये गये हैं समस्त आदेशों एवं नोटशीट की प्रमाणित प्रति आदि की मांग की गई थी। समयसीमा में वांछनीय जानकारी न मिलने पर प्रथम अपील सीईओ जिपं सीधी के यहां प्रस्तुत की गई। जिस पर 23 अप्रैल 26 को आदेश पारित कर एक माह के अंदर देने के निर्देश दिये गये थे, फिर भी जानकारी नहीं दी गई।
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जानकारी नही देना पर खड़े हो रहे सवाल
जिला पंचायत कार्यालय के संबंधित बाबू द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी को सीईओ के आदेश के बाद भी नहीं देने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि संबंधित जानकारी को पूरी तरह से दबाया जा रहा है जिससे जो भी मनमानी हुई है वह सामने न आ सके। संबंधित बाबू द्वारा जिस तरह से जानकारी नहीं दी जा रही है उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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आवक-जावक रजिस्टर की जानकारी देने से किया इंकार
जिला पंचायत कार्यालय में आरटीआई से संबंधित आवेदन के आवक-जावक रजिस्टर में दर्ज होने की जानकारी देने से साफतौर पर इंकार किया जा रहा है। आवक-जावक रजिस्टर से जानकारी देना कोई गोपनीय बात नहीं है। इसका संधारण इसी वजह से किया जाता है कि इसमें सभी आवेदन एवं डाक दर्ज होती है।
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इनका कहना है
आवेदक द्वारा आरटीआई के माध्यम से चाही गई जानकारी निर्धारित समय में लोक सूचना अधिकारी जिला पंचायत सीधी से संबंधित शाखा द्वारा नही उपलब्ध होने पर प्रथम अपील की गई थी। अपील का निराकरण कर जानकारी उपलब्ध कराने हेतु मेरे द्वारा किए आदेश का अभी तक पालन क्यों नही किया गया। इसकी जानकारी लेकर जल्द से जल्द जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए जायेंगे।
शैलेन्द्र सोलंकी, सीईओ जिला पंचायत सीधी
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