लंदन, 27 सितंबर (वार्ता) ब्रिटेन की आतंकवाद रोधी पुलिस ने ग्लॉस्टरशायर स्थित रॉयल एयर फोर्स फेयरफोर्ड के पास विस्फोटक संबंधी अपराधों के संदेह में कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच शुरू की है। इस एयरबेस का इस्तेमाल अमेरिकी सेना भी करती है।
ग्लॉस्टरशायर पुलिस ने बताया कि अधिकारियों द्वारा ‘बड़ी घटना’ घोषित किये जाने के बाद व्हेलफोर्ड क्षेत्र में कई संपत्तियों को खाली कराया गया। सेना की विशेषज्ञ विस्फोटक आयुध निपटान टीम कई वाहनों की जांच कर रही है।
सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम को घटना की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जांच जारी रहने के कारण इस समय अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।”
रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और सशस्त्र बल चौबीसों घंटे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। घटना के बाद सामने आये हवाई फुटेज में बम निरोधक रोबोट को पास के जंगल में तीन सफेद वैन के बीच चलते देखा गया। दो वाहनों के पिछले दरवाजे खुले थे।
व्हेलफोर्ड, आरएएफ फेयरफोर्ड के निकट स्थित है। इस अड्डे का इस्तेमाल अमेरिकी बी-1 बमवर्षकों के लिए किया गया है और यह अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के अग्रिम संचालन स्थल के रूप में भी काम करता है। फेयरफोर्ड में तैनात अमेरिकी वायुसेना की 501वीं कॉम्बैट सपोर्ट विंग के प्रवक्ता ने कहा कि परिचालन कारणों से विशिष्ट सुरक्षा उपायों पर टिप्पणी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इकाई अमेरिकी सैन्यकर्मियों, नागरिकों, ठेकेदारों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्क है और आवश्यक कदम उठाएगी।
ब्रिटिश सरकार ने इससे पहले अमेरिकी वायुसेना को ईरानी मिसाइल ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए फेयरफोर्ड के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की ओर से ब्रिटिश ठिकानों के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी गयी थी। ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि उसके सशस्त्र बल देश को किसी भी तरह के हमले से सुरक्षित रखने के लिए चौबीसों घंटे तैयार हैं।
