
दमोह। मप्र शिक्षक संघ जिला कार्यालय, दमोह में रविवार 2 अगस्त 2026 को एक भव्य व गरिमामय गुरुवंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़ी प्रमुख हस्तियों, संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व जिले के शिक्षकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
मुख्य वक्तव्य व प्रबुद्ध विचार
* मुख्य वक्ता व अतिथि
* पी.एल. शर्मा (सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी) नेअपने मुख्य भाषण में भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के नैतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक ही समाज और राष्ट्र के भावी कर्णधारों का निर्माण करता है।डॉ. कीर्तिकम दुबे (प्राध्यापक, पीजी कॉलेज दमोह): उन्होंने आधुनिक शिक्षा परिदृश्य में शिक्षकों की भूमिका और नैतिक मूल्यों के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए।
*संगठन व दायित्व पर विशेष मार्गदर्शन*
संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता पारस जैन ने मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की कार्यप्रणाली, इतिहास और संगठन के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षकों को हर परिस्थिति में अपने दायित्वों और कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए
*सांस्कृतिक प्रस्तुति व शपथ ग्रहण*
गुरुवंदन गीत मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष महेंद्र जैन ने सुमधुर व भावपूर्ण गुरुवंदन गीत की प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण सभागार गुरु-भक्ति के वातावरण से गुंजायमान हो उठा।कार्यक्रम का कुशल एवं गरिमामय मंच संचालन एम.के. खरे द्वारा किया गया। प्रमेंद्र जैन ने उपस्थित सभी शिक्षकों व गणमान्य नागरिकों को गुरुवंदन, दायित्व-निर्वहन व शिक्षक गरिमा की शपथ दिलाई।इस गरिमापूर्ण व भव्य अवसर पर शिक्षा जगत एवं संगठन के अनेक प्रमुख शिक्षक व पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदीप अग्रवाल, भागचंद जैन, महेश गुप्ता, अरविंद चौराहा, देवी पटेल, मनीष भारद्वाज, शिशिर तिवारी, किशोर दुबे, पी.के. जैन, सोनू मुंडा, संदीप श्रीवास्तव, मुकेश विश्वकर्मा, नितिन श्रीवास्तव, रूपचंद पटेल, आर.बी. सिंह, नितेश पाठक, नीलेश जैन, संजय पाठक, निरपत, आदित्य चौरसिया, मुन्ना लाल पटेल, जी.पी. पटेल तुलसी राजआदि शिक्षक बंधु व संघ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कमलेश कुमार सेन ने पधारे हुए सभी अतिथियों, प्रबुद्ध वक्ताओं व शिक्षक बंधुओं का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।
