चेन्नई 19 नवंबर (वार्ता) रणजी ट्रॉफी के चार राउंड के बाद, एक भी जीत नहीं हासिल कर पाई तमिलनाडु की टीम ने अपने कोचिंग स्टाफ में आमूलचूल बदलाव करते हुए बाएं हाथ के पूर्व स्पिनर एम वेंकटरमन्ना को एम सेंतिलनाथन की जगह सीमित ओवर टीमों का प्रमुख कोच बनाया गया है। हालांकि सेंतिलनाथन, रणजी सीजन के शेष बचे मैचों के लिए कोच बने रहेंगे, जो कि विजय हजारे ट्रॉफी के बाद जनवरी में आखिरी दो राउंड के मैचों के लिए फिर से शुरू होगा।
तमिलनाडु इस समय ग्रुप ए के निचले हिस्से में हैं, जहां उनके नीचे सिर्फ ओडिशा और नागालैंड हैं। उन्हें इस सीजन झारखंड और आंध्रा से सीधी हार मिली, जबकि गत विजेता विदर्भ ने उनके खिलाफ पहली पारी की बढ़त ली। वे नागालैंड के खिलाफ 512 रन बनाने के बाद भी पारी की जीत हासिल नहीं कर सके। तमिलनाडु अब अपने बचे हुए दो मैच जीत भी ले, तब भी उनका रणजी ट्रॉफी नॉकआउट में स्थान मिलना मुश्किल लग रहा है। यह पिछले दो साल में तमिलनाडु के कोचिंग सेटअप में तीसरा बदलाव है।
चौथे राउंड में आंध्रा से मिली हार के बाद ही तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (टीएनसीए) के भीतर इस तरह के बदलाव की बातें चल रही थीं। आखिरकार मंगलवार को चेन्नई में एक आपात बैठक बुलाकर यह फैसला लिया गया। टीएनसीए की देर रात जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि वे 2025-26 सीजन के शेष हिस्से के लिए अलग-अलग कोचिंग मॉडल अपना रहे हैं। विज्ञप्ति में यह स्पष्ट नहीं हुआ कि सेंतिलनाथन मौजूदा रणजी सीजन के बाद भी रणजी टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे या नहीं।
वेंकटरमन्ना ने 1989 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्स्टन में भारत के लिए एक टेस्ट खेला था। उन्होंने तमिलनाडु के लिए 75 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 29.63 की औसत और 12 पंजे के साथ 247 विकेट लिए।
सप्ताह की शुरुआत में, तमिलनाडु ने सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट के लिए वरूण चक्रवर्ती को कप्तान नामित किया है। इस टूर्नामेंट में तमिलनाडु को राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, कर्नाटक, त्रिपुरा, झारखंड और सौराष्ट्र के साथ एक मजबूत पूल में रखा गया है।

