
भोपाल। मध्यप्रदेश में अस्थायी, आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने 12 फरवरी को प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। यह आंदोलन सरकारी विभागों के निजीकरण और कथित मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में किया जाएगा। हड़ताल का संयुक्त आह्वान शासकीय विभागों, नगरीय निकायों, पंचायतों, विभिन्न योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों, सहकारी संस्थाओं तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों द्वारा किया गया है।
मीडिया से चर्चा करते हुए आल डिपार्टमेंट आउटसोर्स एवं अस्थायी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया कि दर्जनों कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल को समर्थन दिया है। 12 फरवरी को सभी जिलों में एक साथ धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि लेबर कोड, आउटसोर्सिंग और ठेका व्यवस्था के चलते वर्षों से काम कर रहे कर्मचारी भी असुरक्षा, कम वेतन और शोषण का सामना कर रहे हैं। शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि नियमित रोजगार, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
