नई दिल्ली, भारत की स्वर कोकिला और भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच लंबे समय तक एक बेहद आत्मीय और व्यक्तिगत रिश्ता रहा है। लता दीदी उन्हें प्यार से ‘नरेंद्र भाई’ कहकर संबोधित करती थीं और रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उन्हें नियमित रूप से राखी भी भेजती थीं। नवंबर 2013 में पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी यह इच्छा भी जताई थी कि वे नरेंद्र मोदी को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं।
हृदयनाथ मंगेशकर के लेख और ‘मोदी ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ पुस्तक में हुआ था दोनों के आपसी सम्मान और गहरे जुड़ाव का जिक्र
परिवार के सदस्यों और विशेषकर उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर द्वारा लिखे गए लेखों में भी इस अनूठे रिश्ते में मौजूद आत्मीयता और आपसी सम्मान का कई बार उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, लता मंगेशकर ने ‘मोदी ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ नामक पुस्तक की प्रस्तावना में प्रधानमंत्री के कार्य करने के तरीकों और जनहित के प्रति उनकी प्राथमिकताओं की खुलकर प्रशंसा की थी। वे उनके नेतृत्व क्षमता और जनता के लिए किए जाने वाले समर्पित कार्यों से बेहद प्रभावित थीं, जो उनके बीच फोन और पत्रों के माध्यम से होने वाली बातचीत में भी झलकता था।
फरवरी 2022 में लता दीदी के निधन पर पीएम मोदी ने व्यक्त किया था गहरा शोक, दोनों की स्मृतियां आज भी देश के लिए अमूल्य
फरवरी 2022 में जब महान गायिका लता मंगेशकर का निधन हुआ, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की थीं। प्रधानमंत्री ने अक्सर सार्वजनिक मंचों पर लता दीदी के साथ हुई अपनी मुलाकातों और स्मृतियों को साझा किया है। कला जगत की इस महान हस्ती और देश के प्रधानमंत्री के बीच का यह पारिवारिक और स्नेहिल रिश्ता भारतीय राजनीतिक एवं सांस्कृतिक इतिहास का एक स्वर्णिम और प्रेरणादायक अध्याय बन चुका है।

