नयी दिल्ली/ अहमदाबाद (वार्ता) केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील सरकार (संप्रग) सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने 12 लाख करोड़ के घपले-घोटालों के अलावा कुछ नहीं किया, जबकि मोदी सरकार पर 12 वर्षों में चार आने के भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है।
श्री शाह ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे स्टेशन से 1472 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया और देश की पहली एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने रेलवे लोको इंजन के रखरखाव के लिए शुरू किए जा रहे डब्ल्यूएजी-12 मेंटेनेंस शेड का भी उद्घाटन किया।
इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्हें आंकड़ों के साथ चर्चा करने की नसीहत दी और कहा कि संप्रग के 10 वर्षों के शासन के दौरान 12 लाख करोड़ के घपले, घोटाले और भ्रष्टाचार के अलावा विपक्षी पार्टी ने कुछ नहीं किया। वहीं मोदी सरकार पर 12 वर्षों में चार आने के भी भ्रष्टाचार का आरोप कोई नहीं लगा पाया।
उन्होंने कहा कि आज साबरमती मंडल में रेलवे की कई परियोजनाएं शुरू हुई हैं, जो पर्यावरण, जन सुविधा और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी हैं। सत्याग्रह, सादा जीवन, ग्रामीण विकास और खादी जैसे सभी प्रयोगों को जमीन पर उतारने की शुरुआत साबरमती से ही हुई। उन्होंने कहा कि साबरमती रेलवे स्टेशन अब काफी विकसित हो चुका है। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में यहाँ से रिक्शा लेने के लिए भी दो किलोमीटर चल कर जाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि रेल यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सम्पर्क की दृष्टि से साबरमती रेलवे स्टेशन में आमूलचूल बदलाव हुए हैं।
श्री शाह ने कहा कि आज 1472 करोड़ रुपये की लागत वाली जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है, वह आने वाले दिनों इस क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगी। उन्होंने कहा कि 700 करोड़ रुपये की लागत से यहाँ रेलवे लोको इंजन के रखरखाव के लिए डब्ल्यूएजी-12 मेंटेनेंस शेड बनाया गया। वहीं, 48 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा के लिए साबरमती-कलोल-साबरमती रेलखंड पर ‘कवच’ प्रणाली की शुरुआत की गयी। साथ ही, अहमदाबाद-पालनपुर रेल खंड और अहमदाबाद-सामाख्याली रेल खंड पर ‘कवच’, साबरमती-सरखेज रेल मार्ग का दोहरीकरण जैसे कार्य शुरू हुए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री कहा कि आज 12,000 हॉर्सपावर की ट्विन-सेक्शन क्षमता वाले एक ऐसे इंजन की शुरुआत हुई है, जो अकेले ही लगभग 600 ट्रकों जितना माल खींच सकती है। पहले दो लोकोमोटिव लगाने पड़ते थे, लेकिन अब एक ही डब्ल्यूएजी-12 यह काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह देश को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुँचाएगा। श्री शाह ने कहा कि आज जिस एलएनजी से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत हुई है, वह आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान देगी।
श्री शाह ने कहा कि 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रेलवे में कई नयी सुविधाएँ आईं और इसे आधुनिक बनाया गया। उन्होंने कहा कि मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) से वडोदरा तक पहली डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल कंटेनर ट्रेन का सफल परीक्षण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश में माल ढुलाई के लिए ट्रैक सीमित हैं, लेकिन डबल डेकर मालगाड़ी की यह कल्पना सफल हो जाए तो वहन क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी। अब 11,000 किलोमीटर लंबा गलियारा 4-लेन नेटवर्क में बदला जा रहा है, जिससे दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी तक यातायात में बड़ी सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि समर्पित माल ढुलाई गलियारा , रैपिड रेल प्रणाली और अत्याधुनिक स्टेशन की शुरुआत श्री मोदी ने ही की है।
गृहमंत्री ने कहा कि हाल ही में श्री मोदी ने हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। इसके साथ ही भारत दुनिया के उन चार देशों में शामिल हो गया, जिनके पास यह तकनीक है। श्री मोदी के शासनकाल में 97 प्रतिशत बायो-टॉयलेट बने। एलएचबी कोच का 87 प्रतिशत उत्पादन भारत में श्री मोदी के शासनकाल में हुआ। मोदी सरकार से सिर्फ 30 रेलवे का विद्युतीकरण हुआ था, शेष 70 प्रतिशत उनके कार्यकाल में हुआ। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में रेलवे सुरक्षा बजट में 67 प्रतिशत और लोकोमोटिव उत्पादन क्षमता में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
श्री शाह ने कहा कि श्री मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का अवधारणा की शुरुआत की और उसी का परिणाम है कि अब देश में ही इंजन जैसे उपकरणों का निर्माण बहुत हद तक संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि 2015-16 में रेलवे 293 करोड़ लीटर डीजल का उपयोग करती थी, लेकिन 2024-25 में यह घटकर 108 करोड़ लीटर रह गया है।
उन्होंने कहा कि रेल लाइनों का विद्युतीकरण 2010-11 में साल भर में केवल 75 किलोमीटर होता था, जबकि 2023-24 में एक ही वर्ष में 7,188 किलोमीटर विद्युतीकरण हुआ। उन्होंने कहा कि रेलवे का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है और बचे हुए 0.4 प्रतिशत को भी हम जल्द पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि रेलवे का चीन में 92 प्रतिशत, स्पेन में 68 प्रतिशत, फ्रांस में 60 प्रतिशत और ब्रिटेन जैसे छोटे देश में 49 प्रतिशत विद्युतीकरण हुआ है। भारत 100 प्रतिशत हासिल कर इन देशों से आगे बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में केवल स्वीडन में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हुआ है, लेकिन स्वीडन और भारत की रेल लाइन में लगभग 10 गुना अंतर है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि रेलवे के बजट के मामले में अगर गुजरात का उदाहरण दिया जाए तो 2009 से 2014 तक रेल बजट मात्र 589 करोड़ रुपये था। इसके विपरीत, केवल 2026-27 का एक वर्ष का बजट 17,366 करोड़ रुपये है।
