जबलपुर: तीन वर्षों से कानूनी पेच में फंसी चार्जमैन (टी) पदोन्नति के मामले में डीओ (सीएडंएस) कोलकाता द्वारा आदेश कर शीघ्र पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए समस्त डीपीएसयू को आदेश किया है। विदित हो कि अभी तक पुराने एसआरओ के तहत चार्जमैन की पदोन्नति की जाती थी, जिससे उच्च कुशल ग्रेड 1 तथा मास्टर क्राफ्टमैन से चार्जमैन की पदोन्नति की जाती थी। इसे कुछ लोगों ने इलाहाबाद कैट में चुनौती दी थी। इसी बीच 13 जून 2024 को चार्जमैन पदोन्नति के लिए पुराने एसआरओ को परिवर्तित कर नया एसआरओ 23 को लागू किया, लेकिन इस पर भी कुछ कर्मचारी संतुष्ट नहीं थे।
उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने 12 जून 2024 के पहले पुराने एसआरओ के तहत चार्जमैन की पदोन्नति एवं 13 जून 2024 के बाद नए एसआरओ 23 का पालन करने को कहा, लेकिन इस बीच 2022 में हाईकोर्ट ने एक आदेश पारित किया था कि अगर कोई नया एसआरओ बनाया जाता है, तो पुराना एसआरओ स्वत: निरस्त माना जाएगा। इस निर्णय के बाद डीओ द्वारा डीओपीटी को इस पर निर्णय देने को कहा, लेकिन डीओपी एंड टी ने इस मामले को न्याय मंत्रालय को भेजा था,जिसके आदेश के बाद आज डीओ कोलकाता ने आदेश कर प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा है।
कर्मचारियों में उत्साह
कर्मचारी नेता अर्नबदास गुप्ता, उत्तम विश्वास ने बताया कि आदेश के बाद आज कर्मचारियों की बीच हर्ष का माहौल है क्योंकि विगत 3 वर्षों से चार्जमैन पदोन्नति न होने के चलते अन्य सभी पदोन्नति रूकी हुई थी। अब एक साथ चार्जमैन, एमसीएम, एचसीआई, एचएस 2 की पदोन्नति काफी संख्या में होगी। जानकारी के अनुसार एआईडीईएफ ने नेशनल काउंसिल जेसीएम तथा जेसीएम 3 में इस मुद्दों को मजबूती के साथ उठाया था। इधर, आईएनडीडब्ल्यूएफ ने भी चार्जमैन पदोन्नति का रास्ता साफ होने पर खुशी जाहिर की है। इंटक आंनद शर्मा, राकेश रंजन, अखिलेश पटेल, अनिल गुप्ता आदि ने बताया कि फेडरेशन द्वारा निरंतर किए गए प्रयासों व पत्राचार के चलते आदेश जारी हो सके हैं।
