बाणसागर डैम के दर्जन भर गेट खुले, जल बढऩे को लेकर हाई अलर्ट

सीधी : बारिश का दौर फिर शुरू हो जाने से बांध एवं नदी नालों के जल स्तर में तेजी से वृद्धि होने लगी है। बाणसागर बांध का जल स्तर बढऩे पर एक दर्जन गेट को करीब 2-2 मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। अभी 6 और गेट खोले जाने की संभावना बताई जा रही है। स्थिति बनने पर सभी 18 गेट खोले जा सकते हैं। सीधी जिले के निचले इलाकों के लिए हाई अलर्ट घोषित किया गया है।नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन की सूचना का पालन करने के लिए कहा गया है। वही मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कुछ जगहों पर तेज़ हवाओं (40-50 किमी/घंटा की रफ़्तार) के साथ आंधी-तूफान, बिजली कडक़ने और बहुत भारी बारिश (115.6 – 204.5 मिमी) होने की संभावना जताई है। जिले में मानसून की सक्रियता के साथ रुक-रुककर हो रही बारिश ने नदी-नालों के जल स्तर को फिर बढ़ा दिया है।
मौसम विभाग द्वारा सीधी जिले में बारिश का हाई अलर्ट जारी किए जाने के बीच बाणसागर बांध के 12 गेट खोले जाने से सोन नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। रामपुर नैकिन से लेकर सिहावल क्षेत्र तक सोन नदी जल्द उफान पर आने वाली है और कई स्थानों पर नदी का रौद्र रूप दिखाई दे सकता है। लगातार बारिश और बाणसागर बांध से छोड़े जा रहे पानी का असर जिले की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई देने वाला रहा। गोपद और बनास नदी भी उफान पर आ रही हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढऩे से ग्रामीण क्षेत्रों में निचले पुलों एवं रपटों पर कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि जिले की प्रमुख नदियों पर बने अधिकांश ऊंचे पुलों से आवागमन फिलहाल सुचारू रूप से जारी है।

सुदूर क्षेत्रों के मार्ग में बढ़ रही परेशानियां
बारिश के कारण सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कम ऊंचाई वाले पुलों पर पानी आने से आवागमन बाधित होने की खबरें सामने आ रही हैं। विशेष रूप से कुसमी तहसील के वस्तुआ मार्ग में यह समस्या बनी हुई है। यहां बारिश के दौरान पुल के ऊपर पानी का बहाव बढऩे से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों द्वारा जलस्तर बढऩे के दौरान पुल पार करने में सावधानी बरती जा रही है।

जिला प्रशासन ने क्षेत्रों में बढ़ाई सतर्कता
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ एवं अतिवृष्टि जैसी संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि जल स्तर बढऩे की स्थिति में नदी, नाले और पुल-पुलियों के समीप जाने से बचें तथा पानी के तेज बहाव में किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में निचले पुलों और रपटों पर पानी आने की स्थिति में प्रशासन द्वारा आवागमन रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।

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