अमेरिकी परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें; कतर ने मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया, बेस को पहले ही खाली कर लिया गया था।
तेहरान/दोहा, 24 जून (नवभारत): ईरान ने अमेरिकी परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों के जवाब में सोमवार को कतर में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डे अल-उदैद एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस जवाबी हमले के कारण कतर की राजधानी दोहा में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और आसमान में मिसाइलों को इंटरसेप्ट करते हुए देखा गया। हालांकि, अमेरिकी और कतरी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन हमलों में कोई अमेरिकी या कतरी कर्मी हताहत नहीं हुआ है, क्योंकि एहतियातन बेस को पहले ही खाली कर लिया गया था।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, जिसे “ऑपरेशन फतह की बरकत” नाम दिया गया है। ईरानी राज्य मीडिया ने बताया कि यह हमला अमेरिकी “आक्रामकता” के खिलाफ “शक्तिशाली और सफल प्रतिक्रिया” का हिस्सा था। अल-उदैद एयर बेस, दोहा के दक्षिण-पश्चिम में स्थित, मध्य पूर्व में अमेरिकी वायु सेना का कमांड सेंटर और सबसे बड़ा रणनीतिक केंद्र है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने कतर के शहरी क्षेत्रों से दूर लक्षित क्षेत्रों पर मिसाइलें दागीं।
कतर ने की हमले की निंदा, संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप; क्षेत्र में तनाव बरकरार
कतर के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके हवाई रक्षा प्रणालियों ने ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। कतर सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है, इसे अपनी संप्रभुता और हवाई क्षेत्र का “घोर उल्लंघन” बताया है, और कहा है कि वह इस “खुली आक्रामकता” का जवाब देने का अधिकार रखता है। कतर ने पहले ही अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था और अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने का निर्देश दिया था।
यह हमला इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है, जिसमें अमेरिका भी शामिल हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजरायल के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद ईरान को किसी भी जवाबी कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी थी। हालांकि, ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर हमलों को “गैरकानूनी” बताया और जवाबी कार्रवाई की कसम खाई थी। अल-उदैद बेस पर यह हमला क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है, भले ही इसमें कोई हताहत न हुआ हो।

