
जबलपुर। केंद्रीय जेल जबलपुर में जेल बंदियों को तनावमुक्त जीवन जीने और विपरीत परिस्थितियों में संयम बनाए रखने का संदेश दिया गया। माननीय न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, कार्यपालक अध्यक्ष, मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर 26 सितंबर को जेल बंदियों के तनावमुक्त जीवन शैली प्रबंधन विषय पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मुख्य वक्ता इस्कॉन उज्जैन के उपाध्यक्ष वाय.एस. बृजेंद्र कृष्ण दास ने अपने आध्यात्मिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि तनाव व्यक्ति को विषयों में उलझाकर नकारात्मक विचारों की ओर ले जाता है। परिस्थितियां हमेशा बदलती रहती हैं, इसलिए शांत मन और धैर्य के साथ समस्याओं का समाधान तलाशने का प्रयास करना चाहिए। सकारात्मक सोच और ऊर्जा के साथ जीवन जीने से तनाव को कम किया जा सकता है।
इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर कृष्णमूर्ति मिश्रा ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है और व्यक्ति को स्वार्थ से ऊपर उठकर परहित और परसुख की भावना अपनानी चाहिए। उन्होंने ‘मानव सेवा ही माधव सेवा’ के उद्देश्य को जीवन में आत्मसात करते हुए शांतिपूर्ण और सकारात्मक जीवन जीने पर जोर दिया। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शक्ति वर्मा, जिला रजिस्ट्रार सिविल कोर्ट मंजुल सिंह, जिला विधिक सहायता अधिकारी भगवत दयाल दीक्षित, प्रदीप ठाकुर, जितेंद्र ध्रुवे सहित जेल अधिकारी मौजूद रहे। जेलर मदन कमलेश ने केंद्रीय जेल में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही धार्मिक सुविधाओं और संचालित गतिविधियों की जानकारी दी तथा अतिथियों का आभार व्यक्त किया। शिविर के माध्यम से बंदियों को तनाव से दूर रहकर धैर्य, संयम और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
