इंदौर: छोटी कुम्हार खाड़ी में बिना मान्य चिकित्सा डिग्री के क्लिनिक संचालित करने और मरीजों को भर्ती कर उपचार करने का मामला सामने आया है. स्वास्थ्य विभाग की जांच में क्लिनिक के अंदर भर्ती मरीजों को ड्रिप लगी मिली, जबकि बड़ी मात्रा में इंजेक्शन भी पाए गए. क्लिनिक का नर्सिंगहोम अधिनियम के तहत पंजीयन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक सील कर दिया.
जांच में संचालक डॉ. सुमित मंडल के पास मध्यप्रदेश में मान्य किसी चिकित्सा पद्धति से संबंधित डिग्री नहीं मिली. इसके बावजूद क्लिनिक में मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा था. मौके पर उपचार में इस्तेमाल होने वाली बड़ी संख्या में इंजेक्शन भी मिले. कलेक्टर के निर्देश पर बाणगंगा शहरी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुषमा बोरीवाल, फार्मासिस्ट कामता प्रसाद और कंप्यूटर ऑपरेटर सौरभ बंसल की टीम ने कार्रवाई की. सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि जांच में क्लिनिक अपंजीकृत मिला और संचालक के पास मान्य चिकित्सा डिग्री भी नहीं थी. मरीजों को भर्ती कर ड्रिप लगाकर उपचार किया जा रहा था. नियमों के उल्लंघन और जनस्वास्थ्य को देखते हुए क्लिनिक सील कर दिया है.
