
नीमच। नीमच मेडिकल कॉलेज को निजी हाथों में सौंपे जाने की संभावनाओं के बीच अब राज्य सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया है। मेडिकल कॉलेज के निजीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी और कॉलेज का संचालन सरकारी व्यवस्था के तहत ही जारी रहेगा। राज्य सरकार के इस निर्णय से नीमच जिले में खुशी की लहर है। जनभावनाओं से जुड़े इस फैसले का नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार ने स्वागत करते हुए इसे नीमच की जनता की जीत बताया है।
विधायक दिलीपसिंह परिहार ने कहा कि नीमच की जनता लंबे समय से मेडिकल कॉलेज को सरकारी स्वरूप में बनाए रखने की मांग कर रही थी। गत दिनों जब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नीमच प्रवास पर आए थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष मंच से ही आमजन की इस महत्वपूर्ण मांग को प्रमुखता से रखा था। विधायक ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट रूप से आग्रह किया था कि नीमच मेडिकल कॉलेज को निजी हाथों में नहीं सौंपा जाए, क्योंकि यह संस्थान नीमच सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण आधार है।
विधायक ने बताया कि नीमच प्रवास के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल पहुंचकर उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार ने मामले पर पुनर्विचार करते हुए मेडिकल कॉलेज को निजी हाथों में देने का निर्णय वापस ले लिया।
विधायक परिहार ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जनभावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया यह निर्णय स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि नीमच मेडिकल कॉलेज केवल एक भवन या चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि जिले के हजारों लोगों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद से जुड़ा हुआ है। इसके सरकारी स्वरूप में बने रहने से आमजन को भविष्य में उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद कायम रहेगी।
उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने नीमच की जनता की आवाज को गंभीरता से सुना और जनहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विधायक ने कहा कि नीमच मेडिकल कॉलेज को लेकर क्षेत्रवासियों की भावनाएं स्पष्ट थीं और सरकार के फैसले से उन भावनाओं का सम्मान हुआ है।
राज्य सरकार के निर्णय के बाद नीमच मेडिकल कॉलेज को लेकर चल रही निजीकरण की चर्चाओं पर भी विराम लग गया है। विधायक ने इसे नीमच की जनता, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों के सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया।
