
शाजापुर, नमामि भारतम् सामूहिक वन्दे मातरम विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के आव्हान पर सरस्वती विद्या मंदिर उमावि दुपाड़ा मार्ग शाजापुर पर शुक्रवार सुबह 11 बजे एक स्वर एक लय में सामूहिक पूर्ण वंदे मातरम का गायन हुआ.
संस्था के मीडिया प्रभारी मोहित भावसार ने बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद वन्दे मातरम् को राष्ट्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक चेतना में विशिष्ट स्थान प्रदान किया गया. संविधान सभा में इसके सम्मान और राष्ट्रीय महत्व को स्वीकार किया गया तथा इसे राष्ट्रीय गीत का गौरव प्राप्त हुआ. आज जन गण मन राष्ट्रीय गान और वन्दे मातरम् राष्ट्रीय गीत के रूप में भारत की राष्ट्रीय पहचान के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं. यद्यपि इसके 2 छंद ही स्वीकार किए गए थे, परन्तु इसके 150 वर्ष पूर्ण होने पर पूर्ण वन्दे मातरम् को अपनाया गया है.
नई पीढ़ी तक पहुंचेगा स्वतंत्रता संग्राम का संदेश
नमामि भारतम् का एक प्रमुख उद्देश्य यह है कि आज का विद्यार्थी वन्दे मातरम् को केवल एक गीत के रूप में न जाने, बल्कि उसके पीछे निहित स्वतंत्रता, आत्म सम्मान, मातृभूमि-प्रेम, त्याग, एकता और राष्ट्रीय चेतना के इतिहास को भी समझे. विद्यालयों में इस अवसर पर विद्यार्थियों को वन्दे मातरम् की रचना, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका तथा राष्ट्रीय गीत के रूप में उसके महत्व से परिचित करवाया गया. इससे इतिहास के अध्ययन को वर्तमान पीढ़ी की राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक चेतना से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा. इस अवसर पर तहसीलदार शाजापुर गौरव पोरवाल, नायब तहसीलदार राकेश चौहान, मुकेश कुमार दुबे, हेमेन्द्र यादव, अजय कुमार पोल, दिलीप भंवर, गौरव शर्मा, श्रीमती दीपाली विभूति मंचासीन रहे.
