नयी दिल्ली, 24 सितंबर ( वार्ता) वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड ने कहा है कि राजस्थान ऑयल फील्ड परियोजना में उत्पादन में गिरावट के बावजूद परिचालन लागत को काफी हद तक स्थिर रखा गया है।
कंपनी ने गुरुवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि डिसीप्लीन तथा डिजिटल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की वजह से ऐसा संभव हो पाया है।
विज्ञप्ति के अनुसार 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में राजस्थान फील्ड में ऑपरेटिंग लागत 16.4 डॉलर प्रति बैरल रही, जबकि पिछले साल यह 16.6 डॉलर पर थी। इस दौरान पूरे तेल एवं गैस क्षेत्र में परिचालन लागत 15.5 डॉलर प्रति बैरल रही जो एक साल पहले 15.6 डॉलर थी।
इसी दौरान राजस्थान फील्ड में कंपनी सकल उत्पादन दैनिक 103.2 हजार बैरल ऑयल इक्विवेलेंट से घटकर 87.2 हजार बैरल हो गया – यानी इसमें 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। कंपनी के अनुसार फील्ड्स के पुराने हो जाने की वजह से ऐसा हुआ है।
वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड के एक प्रवक्ता ने कहा, ” ऑयल गैस फील्ड में एक रॉड पंप आमतौर पर खराब होने से पहले ही बता देता है कि वह खराब होने वाला है। संकेत हमेशा डेटा में होता था। बदलाव यह आया है कि यह जानकारी कितनी तेज़ी से उस इंजीनियर तक पहुँचती है जो इस पर कार्रवाई कर सकता है। राजस्थान के फील्ड्स में डिजिटल ट्विन्स, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और एडवांस्ड प्रोसेस कंट्रोल का इस्तेमाल करने से हम फील्ड्स के स्वाभाविक लिफ्टिंग लागत को स्थिर बनाए रखने में सफल रहे हैं ।”
