गुवाहाटी | केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज गुवाहाटी में असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी का घोषणापत्र (संकल्प पत्र) जारी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में भाजपा ने राज्य के मूल निवासियों की जमीन, संस्कृति और गरिमा की रक्षा का संकल्प लिया। घोषणापत्र में सबसे बड़ा वादा ₹5 लाख करोड़ के बुनियादी ढांचे के निवेश का किया गया है, जिसका उद्देश्य असम को देश के अग्रणी आर्थिक राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना है। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह विजन पिछले एक दशक के उस बदलाव पर आधारित है, जिसे कांग्रेस अपने 60 साल के शासन में नहीं कर पाई थी।
भाजपा के इस ‘संकल्प पत्र’ में कुल 31 प्रमुख वादे शामिल किए गए हैं, जिनमें राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना और बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा कब्जाई गई जमीन को वापस लेना सबसे अहम है। वित्त मंत्री ने राज्य की आर्थिक प्रगति का ब्यौरा देते हुए बताया कि असम की जीएसडीपी (GSDP) 2015-16 में ₹2.24 लाख करोड़ से बढ़कर अब 2025-26 में ₹7.41 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में 54% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। भाजपा ने रोजगार के नए अवसर सृजित करने और युवाओं को वैश्विक करियर के बजाय असम में ही बेहतर विकल्प देने का भरोसा दिलाया है।
सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए सीतारमण ने कहा कि भाजपा ने असम के अधिकांश हिस्सों से ‘अफस्पा’ (AFSPA) हटाकर शांति बहाल की है, जबकि कांग्रेस की नीतियों के कारण राज्य दशकों तक इस कानून के साए में रहा। उन्होंने कांग्रेस पर उत्तर-पूर्व के विकास की अनदेखी करने और केवल राजनीति साधने का आरोप लगाया। बता दें कि असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए आगामी 9 अप्रैल को मतदान होना है, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे, जिन्होंने इस घोषणापत्र को राज्य की प्रगति का नया अध्याय बताया।

