श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक दिन के अवकाश के बाद आज कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है, जिसमें शिक्षकों को टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) से छूट देने के प्रस्ताव पर प्रमुखता से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही सदन में आज 35 विधायक अपने निजी (प्राइवेट मेंबर्स) बिल पेश करेंगे, जिनमें केंद्र शासित प्रदेश में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, स्थानीय नागरिकों के भूमि व रोजगार के अधिकारों की सुरक्षा और कश्मीरी पंडितों की घाटी में सुरक्षित वापसी जैसे अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी जम्मू-कश्मीर म्युनिसिपल एक्ट, 2000 में संशोधन के लिए एक नया बिल सदन में प्रस्तुत करेंगे।
घाटी की सामाजिक और धार्मिक संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए तीन विधायक ला रहे हैं शराबबंदी का विशेष बिल
सदन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अली मुहम्मद सागर, एक निर्दलीय विधायक और पीडीपी के मीर मुहम्मद फैयाज समेत तीन विधायक कश्मीर घाटी में शराब की बिक्री, भंडारण, इस्तेमाल और परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग को लेकर प्राइवेट मेंबर बिल पेश करेंगे। इन विधायकों का तर्क है कि घाटी की धार्मिक, सामाजिक और सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशीलता को बनाए रखने के लिए यह प्रतिबंध बेहद आवश्यक है। इसके अलावा, पीडीपी के विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी कश्मीरी प्रवासियों और खास तौर पर कश्मीरी पंडितों की घाटी में सम्मानजनक और टिकाऊ वापसी के लिए एक कानूनी ‘री-इंटीग्रेशन कमीशन’ (पुनर्ग्रहण आयोग) गठित करने से जुड़ा बिल लाएंगे।
भूमि और रोजगार के अधिकारों की सुरक्षा पर भी रहेगा जोर, विपक्षी हंगामे के बीच कामकाज जारी रहने के आसार
सत्ताधारी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ अहमद वानी और पीडीपी विधायक वहीद उर रहमान पारा भी स्थानीय निवासियों के डेमोग्राफिक हितों, जमीन और रोजगार के अधिकारों की रक्षा तथा पर्यटन से जुड़ी जमीनों के मालिकाना हक को नियमित करने से संबंधित विधेयक पेश करेंगे। शुरुआती दो दिनों तक विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच शासन व्यवस्था और राज्य के दर्जे को लेकर चले कड़े हंगामे के बाद, अब आज इन महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़े विधेयकों पर सदन में व्यापक चर्चा होने की पूरी उम्मीद है।

