नयी दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विभिन्न फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों की कई बार लिखित आपत्ति दर्ज किये जाने को गंभीर बताते हुए कहा है कि यह चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था में मनमानी का संकेत है इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाया जाना चाहिए।
श्री खरगे ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि कांग्रेस और कई विपक्षी दल पिछले कई वर्षों से चुनावों की निष्पक्षता और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं लेकिन उनकी चिंताओं को मजाक में उड़ा दिया गया और फार्म-6 के लिए आयोग के दरवाजे बंद कर दिये गये। उन्होंने कहा कि अब चुनाव आयोग के भीतर से ही वही बात सामने आयी है और तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार लिखित रूप से आपत्ति दर्ज की है।
उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 का दुरुपयोग, सॉफ्टवेयर का गलत इस्तेमाल, मतदाता सूचियों के साथ छेड़छाड़ और पारदर्शिता के बिना लिये गये फैसले अब देश के सामने हैं। उन्होंने सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इन आपत्तियों पर क्या किया। श्री खरगे ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले तीन चरणों में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूचियों से 13.8 करोड़ नाम बाहर हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ और एसआईआर को लेकर लगातार सवाल उठाये हैं और वे सभी सवाल अब सही साबित हो रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताया और कहा कि 24 अप्रैल 2026 को 73 विपक्षी राज्यसभा सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए राज्यसभा के महासचिव को नया पदच्युति प्रस्ताव नोटिस सौंपा था। उन्होंने सवाल किया कि संसद का मानसून सत्र अभी तक सत्रावसान नहीं हुआ है तो क्या राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन अब उस लंबित नोटिस पर निर्णय लेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अब सवाल केवल ‘वोट चोरी’ का नहीं बल्कि देश के लोकतंत्र और उसकी संस्थाओं पर सरकार के कब्जे, उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता का है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के भीतर से सामने आये दस्तावेज केंद्र सरकार तथा भाजपा-आरएसएस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश को जवाब देना चाहिए। उनका कहना था कि भारत के लोगों से लोकतंत्र छीनने का षड्यंत्र करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

