
पिपलियामण्डी। मंदसौर जिले में चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। निजी त्रिशिका नर्सिंग होम की संचालक डॉ. रीना नागर पर आरोप है कि सीजेरियन ऑपरेशन के दौरान एक महिला की आंत कट गई, जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई है।
ग्राम लिम्बावास निवासी अजय बंजारा ने बताया कि उनकी पत्नी शांतिबाई को 25 जुलाई को प्रसव पीड़ा पर नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। सीजेरियन डिलीवरी के बाद डॉक्टर ने मां-बच्चे को स्वस्थ बताया, लेकिन परिजनों का कहना है कि इसी दौरान महिला की आंत कट गई। 27 जुलाई को शांति की हालत बिगड़ी तो उन्हें बिना उचित इलाज के छुट्टी दे दी गई।
इसके बाद अहमदाबाद और उदयपुर के अस्पतालों में इलाज कराया गया, जहां डॉक्टरों ने आंत कटने और संक्रमण फैलने की पुष्टि की। मजबूरी में आंत का बायपास कर अलग से मल निकासी की व्यवस्था की गई। फिलहाल शांति की हालत गंभीर है और वह दवाओं के सहारे जिंदगी से जूझ रही है।
परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने गलती मानने के बजाय धमकी दी। मंगलवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर परिजनों व ग्रामीणों ने दोषी डॉक्टर पर कठोर कार्रवाई, आर्थिक क्षति की भरपाई और न्याय की मांग की है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल
यह मामला न केवल एक परिवार की पीड़ा को उजागर करता है, बल्कि जिले में निजी नर्सिंग होम्स की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
डॉक्टर से संपर्क नहीं हो सका
डॉ. रीना नागर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल अटेंड करने वाले कर्मचारी ने बाद में बात कराने की बात कही।
