
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस के सचिव कुणाल चौधरी ने रोजगार, भर्ती परीक्षाओं, कथित प्रशासनिक लापरवाही और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुए छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने युवाओं और छात्रों को संबोधित किया था।
चौधरी ने कहा कि शिक्षित युवा रोजगार, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और वेतन से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने परीक्षा में अनियमितताओं से प्रभावित अभ्यर्थियों को मुआवजा देने तथा पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की।
उन्होंने भागीरथपुरा मामले, छिंदवाड़ा में कथित जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत, नशे से जुड़े मामलों और सागर में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा भी उठाया। चौधरी ने सवाल किया कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के आरोपियों तक सीमित क्यों रहती है और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं राजनीतिक स्तर पर जवाबदेही कब तय होगी।
कृषि क्षेत्र में उन्होंने मौसम और येलो मोजेक रोग से प्रभावित सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे कराकर किसानों को राहत देने की मांग की। उन्होंने 12 क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन के दावों पर भी सवाल उठाते हुए खेतों में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
चौधरी ने सोयाबीन के घोषित 5,700 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी और किसानों को मिल रही कीमतों के बीच अंतर पर स्पष्टीकरण मांगा तथा भावांतर योजना की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने भोपाल के 90 डिग्री ब्रिज को लेकर भी सरकार से जवाब और कथित रूप से सरकारी धन के नुकसान की स्थिति में जवाबदेही तय करने की मांग की।
