​भोपाल वार्ड 3: बदहाल सड़कें, गंदा पानी और निष्क्रिय जनप्रतिनिधि

विजय शर्मा

भोपाल: नगर निगम के वार्ड 3 की सीमा इंदौर रोड तक है और कोल्हूखेड़ी इस वार्ड का अंतिम गांव है. वार्ड में कोल्हूखेड़ी, जमुनिया क्षीर, हरिजन बस्ती, माली बस्ती, भौंरी, भैंसाखेड़ी, कुम्हारपुरा सहित 25 से अधिक कॉलोनियां और बस्तियां हैं. क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि उनकी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं. भौंरी, कोल्हूखेड़ी और जमुनिया क्षीर को नगर निगम में शामिल हुए करीब 10 साल हो गए हैं, लेकिन इन क्षेत्रों में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. रहवासियों का आरोप है कि निगम में शामिल होने से पहले जितने विकास कार्य हुए थे, उसके बाद उतने काम नहीं हुए. वहीं नई कॉलोनियों में सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की बात भी रहवासी कहते हैं.
-टूटी नालियों से सडक़ों पर बहता है पानी
वार्ड के कई हिस्सों में नालियां टूटी पड़ी हैं. जहां नालियां बनी हुई हैं, वहां नियमित सफाई नहीं होने से उनमें कचरा जमा रहता है. बारिश के दौरान नालियों का पानी सडक़ों और गलियों में बहने लगता है. इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है. रहवासियों का कहना है कि नालियों में कचरा भरा होने से मच्छर पनप रहे हैं और सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें करने के बाद भी समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई है. नई बस्ती के मुख्य मार्ग से बस्ती तक जाने वाली सडक़ भी उखड़ी हुई है. बारिश होने पर सडक़ पर पानी भर जाता है. रहवासियों के अनुसार करीब तीन साल से सडक़ की स्थिति खराब है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है. खराब सडक़ के कारण बारिश के दिनों में पैदल चलने वालों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
-500 मकान, लेकिन एक भी पार्क नहीं
क्षेत्र में करीब 500 मकान हैं, लेकिन यहां एक भी पार्क नहीं है. ऐसे में बच्चों को सडक़ और गलियों में ही खेलने के लिए मजबूर होना पड़ता है. रहवासियों का कहना है कि बस्ती में बच्चों के लिए पार्क की बहुत आवश्यकता है. फिलहाल बस्ती के बच्चे कभी-कभी भैंसाखेड़ी की ओर खेलने जाते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती आबादी को देखते हुए वार्ड में खाली जमीन या उपयुक्त स्थान चिन्हित कर पार्क विकसित किया जाना चाहिए.
-पेंशन के लिए बार-बार दस्तावेज, फिर भी इंतजार
वार्ड के बुजुर्गों के सामने पेंशन की समस्या भी बनी हुई है. रहवासियों के अनुसार वृद्धावस्था पेंशन दो से तीन महीने में एक बार मिलती है. नई बस्ती के रहवासियों ने पेंशन शुरू कराने के लिए वार्ड में सभी दस्तावेज जमा किए, लेकिन आज तक उनकी पेंशन शुरू नहीं हो सकी है. उनका कहना है कि दस्तावेज जमा करने के बाद भी उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. गरीब और बुजुर्ग लोगों के लिए पेंशन समय पर मिलना जरूरी है. लेकिन आज तक पेंशन की शुरूआत नहीं की जा सकी है.
-बिजली के बिल से भी परेशान रहवासी
क्षेत्र में बिजली के बिल को लेकर भी लोगों में नाराजगी है. बिजली के बिल लगातार परेशानी का कारण बने हुए हैं. गरीब परिवारों पर बिजली के बिल का बोझ पड़ रहा है. शिकायत करने के बाद भी कई मामलों में सुनवाई नहीं होने की बात लोगों ने कही है.
-कोल्हूखेड़ी में सफाई व्यवस्था पर सवाल
कोल्हूखेड़ी में नालियों की सफाई नहीं होने और गलियों में नियमित सफाई नहीं किए जाने की शिकायत है. नालियों की सफाई के बाद निकाला गया कचरा भी कई बार मौके से नहीं उठाया जाता. जो बाद में यही कचरा वापस नाली में चला जाता है. कई बार उन्हें अपनी नाली स्वयं साफ करनी पड़ती है. बारिश के समय यह समस्या और बढ़ जाती है.
-जमुनिया क्षीर में बिजली और सडक़ की परेशानी
जमुनिया क्षीर में बिजली की समस्या भी बनी हुई है. बिजली की सप्लाई का ट्रांसफार्मर से जुड़ी केबल लाइन कमजोर है. इसके कारण बार-बार फाल्ट होता है और क्षेत्र में बिजली की समस्या बनी रहती है. इसकी रहवासी कई बार पार्षद और निगम कार्यालय में शिकायत भी कर चुके हैं लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही है. जमुनिया क्षीर में सडक़ और नालियों की स्थिति भी खराब बताई जा रही है. कई जगह सडक़ें बनी नहीं हैं और नालियां टूटी पड़ी हैं. नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी जमा रहती है. बारिश के समय लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है.
-भैंसाखेड़ी में गंदे पानी की शिकायत
भैंसाखेड़ी में रहवासी पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं. यहां काफी समय से गंदा पानी आने की शिकायत है. पानी से बदबू आती है जिसे पीना तो दूर की बात नहाया भी नहीं जा सकता. यह स्थिति काफी समय से है. यही गंदा पानी रहवासी पीने को मजबूर हैं. जो भविष्य में भागीरथपुरा जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है. बताया गया कि इस संबंध में शिकायत भी की गई है, लेकिन लोगों का कहना है कि अभी तक पानी के सैंपल नहीं लिए गए हैं. वहीं यहां पर आज तक पानी के नमूने भी नहीं लिए गए. जो नगर निगम और पार्षद की लापरवाही दर्शाता है.
-निगम में शामिल होने के बाद विकास की उम्मीद
नगर निगम में शामिल होने के करीब एक दशक बाद भी गांवों और पुरानी बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं बनी हुई हैं. नई कॉलोनियों में सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की बात कही जाती है, लेकिन पुरानी बस्तियों में सडक़, नाली, सफाई, बिजली, पानी, पार्क और पेंशन जैसी समस्याओं का समाधान अब भी अपेक्षित है. वहां की जनता को निगम सीमा में शामिल होने के बाद उन्हें भी शहर जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी उनकी समस्याएं पूरी तरह दूर नहीं हुई हैं.
पार्षद निष्क्रिय, नहीं उठाया फोन
वार्ड तीन की महिला पार्षद करिश्मा मारन है. जिनका मोबाइल नंबर 8120739113 है. इस नंबर पर तीन से चार बार कॉल किया गया लेकिन रिसीव नहीं किया गया. उसके बाद इसी नंबर के व्हाटसएप पर मैसेज भी किया गया. लेकिन उसके बाद भी कोई जवाब नहीं आया. बताया जाता हैकि महिला पार्षद के पति विकास मारन है जो स्वयं ही पार्षद की पूरी भूमिका निभाते हैं. वहां के रहवासियों से भी बात की गई तो कई लोगों को तो पता ही नहीं है कि पार्षद का नाम क्या है. सिर्फ पार्षद पति का नाम ही पार्षद के रुप में जानते हैं. इनका मोबाइन रिसीव न करना निष्क्रियता दर्शाता है.
वार्ड 3 के रहवासियों ने बताई अपनी समस्याएं
नई बस्ती के मुख्य मार्ग से बस्ती के लिए सडक़ उखड़ी हुई है, जिससे सडक़ पर बरसात का पानी भर जाता है. तीन साल पहले सडक़ बनी थी. कचरे का ढेर लगा रहता है.
रामराज सिहं,नई बस्ती
नालियों फूटी पड़ी है, कचरा भरा हुआ है, मच्छर पनप रहे, का ही सफाई नहीं ,
दिलीप वंशकार नई बस्ती
दयाल
वृद्धा पेंशन दो से तीन महीने में एक बार मिलती है
कमल सिंह वंश कर ने पेंशन के लिए तीन बार वार्ड में सा ही दस्तावेज जमा कर दिए लेकिन आज तक पेंशन शुरू नहीं हो सकी,
दयाल बाई बंशकार, नई बस्ती
100 रुपए बिजली बिल आता था जो अब 7000 रुपए बिल दिया था बिजली के बिल से जनता परेशान है, बिजली के झटके गरीब जनता को लग रहे है, शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही,
शांति वंशकार, नई बस्ती,
बिजली की समस्या, ट्रांसफार्मर से जुड़ी केबल लाइन कमजोर हैं जिससे लाइन में फाल्ट होती है ओर हमेशा लाइट की समस्या बनी रहती है , सडक़ें बनी नहीं है नालियों फूटी पड़ी है, नालियों के सफाई नहीं हुई है,
सुखराम, मेहरा, जमुनिया क्षीर
गलियों में सफाई नहीं हो रही है, नालियों की सफाई होने बा कचरा नहीं उठाया जाता है.जो बाद में नली में ही भर जाता है. कई बार नली स्वयं को ही साफ करना पड़ती है ,
भागमल नागर, कोल्हू खेड़ी
हमारे यहां की सडक़ उखड़ी हुई. वहीं नालियां तो हमेशा ही कचरे से भरी रहती हैं. जिससे नाली की पानी सडक़ों पर गड्ढ़ों में भरा रहता है.
रवि विश्वकर्मा, रहवासी कोल्हुखेड़ी,
हमारी बस्ती में समय पर साफ सफाई की जाती है. पानी की भी कोई समस्या नहीं है.
रविश कुमार माली, रहवासी मालीबस्ती भौंरी
हमारी बस्ती में महिने में एक दो बार ही सफाई होती है. वहीं नालियों की भी यहीस्थिति है. बारिश में यहां की सडक़ों पर पानी भर जाता है.
फूल सिंह, हरिजन बस्ती, भौंरी
पानी गंदा आ रहा है, भागीरथ पूरा जैसी स्थिति हो सकती है, शिकायत भी की गई है, फिर भी पानी के सैंपल ही नहीं ले रहे हैं,
इरशाद खान, रहवासी भैंसाखेड़ी

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