इंदौर: शहर के परदेसीपुरा क्षेत्र में अमृत योजना के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है. यहां के रहवासी वर्षों से पर्याप्त और शुद्ध पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जहां पानी की गंभीर किल्लत के साथ-साथ दूषित पानी की आपूर्ति एक बड़ी समस्या बनी हुई है. नगर निगम द्वारा शहर को जल सुरक्षित बनाने के दावों के बीच, परदेसीपुरा जल आपूर्ति अभी तक सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी है.
परदेसीपुरा के वार्ड क्रमांक 23 में रहवासियों की परेशानी अब भी बनी हुई है. डमरू उस्ताद चौराहा मार्ग से लगे क्षेत्र में कई वर्षों से नर्मदा का पानी नियमित रूप से घरों तक नहीं पहुंच रहा, जब कभी नर्मदा लाइन से पानी आता भी है तो शुरुआत में करीब तीन बाल्टी गंदा पानी निकलता है. इसके बाद साफ पानी आता है, लेकिन महज करीब 10 मिनट में सप्लाई बंद हो जाती है. ऐसे में परिवारों को पानी की जरूरत पूरी करने के लिए क्षेत्र के पास स्थित बड़ी टंकियों तक जाना पड़ता है या बोरिंग का सहारा लेना पड़ता है. पीने के पानी के लिए लोग नर्मदा टंकी से पानी लाते हैं, जबकि अन्य जरूरतों के लिए बोरिंग का पानी इस्तेमाल किया जाता है. बोरिंग खराब होने पर परेशानी और बढ़ जाती है तथा रहवासियों को नगर निगम के टैंकर पर निर्भर रहना पड़ता है. क्षेत्रवासियों द्वारा शिकायतें कई बार की गईं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं मिला. नगर निगम की व्यवस्था में जलप्रदाय विभाग के साथ नागरिक शिकायतों के लिए भी व्यवस्था उपलब्ध है. ऐसे में सवाल है कि वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी निराकरण कब होगा?
यह बोले रहवासी…
नल चालू होते ही शुरू में दूषित पानी आता है, ज्यादा से ज्यादा 15 मिनट नल चलते हैं. पीने के पानी के लिए हम सुभाष नगर में बनी टंकी पर जाते हैं.
– नारायण गुप्ता
वापरने के लिए हम क्षेत्र के सरकारी बोरिंग का पानी लेते हैं. अगर वह भी खराब हो जाए तो पानी की किल्लत बढ़ जाती है. लोगों को निगम टैंकर पर निर्भर रहना पड़ता है.
– नविन बेनवाल
कई कनेक्शन तो ऐसे हैं, जिसमें आज तक पानी आते ही नहीं देखा. क्षेत्र की लाइन चेक की जाए या फिर पानी आपूर्ति के लिए टंकी से नियमित समय तक पानी सप्लाई की जाए.
– अनिल बेनवाल
सर्वे हो रहा है, दो माह में लाइन डलना शुरू हो जाएगा
पानी की समस्या के निपटान के लिए अमृत योजना के लिए सर्वे हो रहा है. दो महीने के अंदर नई लाइन डालने का कार्य शुरू हो जाएगा. लाइन डलने के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी और लोगों को पर्याप्त पानी मिलेगा.
– विनीता मौर्या पार्षद
