
सिंगरौली । एनसीएल के लिए मोरवा क्षेत्र में चल रही भूमि अधिग्रहण एवं विस्थापन प्रक्रिया के बीच प्रभावित परिवारों की मांगों को लेकर विभिन्न विस्थापन मंच अब एक साथ आ गए हैं।
मुआवजा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन आर एंड आर की कथित विसंगतियों और दस्तावेजी प्रक्रिया में आ रही परेशानियों को लेकर रविवार को मोरवा में आयोजित आम सभा में अलग-अलग मंचों से जुड़े पदाधिकारी एवं विस्थापित एक मंच पर दिखाई दिए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से अलग-अलग स्तर पर विस्थापितों की समस्याएं उठाई जाती रही हैं, लेकिन अब इन मांगों को लेकर सभी विस्थापन मंचों के एकजुट होकर सामूहिक आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन में पुनर्वास को सबसे प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। विस्थापितों का कहना है कि केवल जमीन का मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों को उचित पुनर्वास, पुनर्स्थापन, आवास, रोजगार और अन्य आर एंड आर लाभ भी सुनिश्चित किए जाने चाहिए। वहीं मोरवा की आम सभा में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि अलग-अलग मांगों और क्षेत्रों को लेकर सक्रिय विस्थापन मंचों ने सामूहिक रूप से आंदोलन की दिशा तय की। वक्ताओं ने कहा कि विस्थापितों के मुद्दे अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित सभी परिवारों के अधिकारों से जुड़े हैं। इसलिए अब मांगों को अलग-अलग उठाने के बजाय संयुक्त रूप से एनसीएल प्रबंधन के समक्ष रखा जाएगा।
पुनर्वास को बनाया आंदोलन का प्रमुख मुद्दा
विस्थापितों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के साथ प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था स्पष्ट होनी चाहिए। पुनर्वास के लिए भूमि आवंटन, आवास, रोजगार और आर एंड आर लाभों को लेकर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की गई है। मंच का कहना है कि विस्थापन की प्रक्रिया तभी पूरी मानी जा सकती है, जब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इधर आम सभा में मांग उठाई गई कि एनसीएल द्वारा प्रभावित परिवारों को दिए जाने वाले अधिग्रहण नोटिस के साथ भूमिए मकान एवं परिसंपत्तियों के मूल्यांकन का विस्तृत कंसोलिडेटेड कैलकुलेशन शीट उपलब्ध कराया जाए। इससे विस्थापित अपने मुआवजे की गणना को समझ सकेंगे और किसी त्रुटि की स्थिति में समय रहते आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
30 सितंबर को बड़ा सामूहिक आंदोलन
आम सभा में निर्णय लिया गया कि मांगों के समाधान के लिए 30 सितंबर को एनसीएल मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। इसमें विभिन्न विस्थापन मंचों के साथ बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों के शामिल होने की बात कही गई है। इधर विस्थापितों ने सीएफसी में दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि दस्तावेजों को लेकर प्रभावित परिवारों को अलग-अलग तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंच ने स्पष्ट एवं सरल दस्तावेज सूची जारी करने तथा अनावश्यक कागजात की मांग नहीं किए जाने की मांग की। आंदोलन के दौरान पुनर्वास, मुआवजा, आर एंड आर, रोजगार, विस्थापन कार्ड, गणना पत्रक और दस्तावेजी प्रक्रिया से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
