टोक्यो, 12 मई (वार्ता/स्पूतनिक) जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने मंगलवार को कहा कि यदि जापान द्वारा अन्य देशों को उपलब्ध कराये गये हथियारों या उनके पुर्जों का इस्तेमाल किसी तीसरे देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई में किया गया, तो टोक्यो आपूर्ति निलंबित करने सहित कड़े कदम उठा सकता है। श्री कोइज़ुमी ने संसद में कहा, “यदि यह पुष्टि होती है कि कोई प्राप्तकर्ता देश जापान द्वारा उपलब्ध कराए गए रक्षा उपकरणों का उपयोग किसी अन्य देश के खिलाफ आक्रमण करने के लिए कर रहा है, तो जापान उस देश से स्थिति सुधारने की सख्त मांग करेगा, जिसमें रक्षा उपकरणों के उपयोग को रोकना भी शामिल होगा।” उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में हथियारों के रखरखाव और मरम्मत के लिए आवश्यक पुर्जों की आपूर्ति भी रोकी जा सकती है। जापान हथियारों के भंडारण, सुरक्षा उपायों तथा उपकरणों के खोने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की भी निगरानी करेगा।
रक्षा मंत्री ने कहा, “सरकार प्राप्तकर्ता देशों को यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य करेगी कि वे हस्तांतरित रक्षा उपकरण और तकनीक का उपयोग संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप करें। इसके अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग या तीसरे देशों को हस्तांतरण से पहले जापान की पूर्व सहमति आवश्यक होगी।” उल्लेखनीय है कि अप्रैल में जापानी सरकार ने हथियार निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी थी, जिससे घातक हथियारों सहित विभिन्न रक्षा उपकरणों की आपूर्ति का रास्ता खुल गया। हालांकि, हथियार केवल उन्हीं देशों को भेजे जा सकेंगे जिनके साथ जापान का रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौता है। संघर्ष ग्रस्त देशों को हथियारों की आपूर्ति सामान्यतः संभव नहीं मानी जाती, हालांकि विशेष परिस्थितियों में अपवाद की अनुमति दी जा सकती है।

