नयी दिल्ली, 20 सितम्बर (वार्ता) वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने मेरठ में पहली बार हवाई करतब दिखाए और दो दिनों में एक लाख से ज्यादा लोग शो देखने पहुंचे, जिनमें छात्र, एनसीसी कैडेट और एनएसएस स्वयंसेवक शामिल थे।
इस टीम की खास बात यह रही कि सूर्यकिरण टीम के तीन सदस्य, जिनमें करतब दिखाने वाले दो पायलट भी शामिल हैं, मेरठ से हैं।सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने लाल और सफेद रंग के नौ हॉक 132 विमानों से लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डी एन ए जैसे हवाई करतब दिखाए। विमानों के बीच दूरी पांच मीटर से भी कम रही। सूर्यकिरण के अनुसार, बेहद करीब उड़ान भरते हुए इन करतबों का प्रदर्शन पायलटों के कौशल, अनुशासन और टीम के सदस्यों के बीच भरोसे को दिखाता है।
हॉक 132 विमानों में देश में किया गया एक बदलाव भी इस प्रदर्शन का हिस्सा रहा। वायुसेना के नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में इन विमानों में धुआं छोड़ने वाले पॉड लगाए गए हैं। इनके जरिए विमान केसरिया, सफेद और हरे रंग का धुआं छोड़ सकते हैं और आसमान में तिरंगे के रंग उकेरते हैं।
20 सितंबर को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एयर शो देखा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कार्यक्रम को अनुशासन, सटीकता, टीमवर्क और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा कि सूर्यकिरण ने अपनी 30 साल की यात्रा में भारत और विदेशों में 800 से ज्यादा एयर शो किए हैं।
पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सूर्यकिरण के पायलटों की सटीकता और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि पायलटों ने तिरंगे के रंगों से आसमान को सजाया।
शो देखने वालों में राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर और विधान परिषद सदस्य अश्विनी त्यागी तथा धर्मेंद्र भारद्वाज भी शामिल रहे।
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम की स्थापना 1996 में हुई थी। यह एशिया की एकमात्र नौ-विमान वाली एरोबैटिक टीम है और दुनिया की चुनिंदा ऐसी टीमों में शामिल है। टीम भारत में 800 से ज्यादा प्रदर्शन कर चुकी है और चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, यूएई और दुबई में अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भी भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व कर चुकी है।

