सीए के काम में एआई मददगार हो सकती है, उसकी जगह नहीं ले सकती: आईसीएआई अध्यक्ष

कोच्चि, 20 सितंबर (वार्ता) इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार डी. का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चार्टर्ड अकाउंटेंट के काम में मददगार हो सकती है, लेकिन उसकी जगह कभी नहीं ले सकती।

श्री प्रसन्ना ने यहां शनिवार शाम कहा कि एआई डाटा तैयार करने में काफी सहायक है, इससे ऑडिटिंग के काम में लगने वाला समय काफी कम हुआ है, लेकिन यह एक सीए की भूमिका को समाप्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि नैतिकता बनाए रखने के लिहाज से भी यह जरूरी है।

मीडिया के साथ मुलाकात में उन्होंने कहा, “एआई कभी भी चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए रोजगार का संकट नहीं बन सकता, ऐसा कभी नहीं होगा। यह (चार्टर्ड अकाउंटेंसी का) काम सिर्फ इंसान ही कर सकते हैं।”

एआई के इस्तेमाल के प्रति सावधानी बरतने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि एआई से जो नतीजे सामने आते हैं, उन पर आंख बंद करके भरोसा नहीं किया जा सकता। नैतिकता सीए के खून में होती है। उन्होंने कहा, “जहां तक एआई का सवाल है, हमें देखना होगा कि नैतिकता के पैमाने पर यह सही है या नहीं।”

आईसीएआई अध्यक्ष ने कहा कि संस्थान चार्टर्ड अकाउंटेंट को एआई के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करता है, लेकिन साथ ही अंतिम निर्णय खुद अपने विवेक और अनुभव के आधार पर लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।

उन्होंने कहा कि सीए के लिए आईसीएआई ने एआई में सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए हैं। इसमें उन्हें यह बताया जाता है कि एआई का इस्तेमाल कैसे करना है और वे अपने कार्यालयों में खुद का एआई टूल कैसे बना सकते हैं। अब तक 55 हजार सीए को यह प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

यहां तक कि आईसीएआई ने अपना सीए जीपीटी भी बनाया है। इसमें आय कर, कॉर्पोरेट कर और इस पेशे के मानक जैसे सीए के क्षेत्र से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध है।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि एआई से ऑडिटिंग के काम में समय की काफी बचत हो रही है। यह अकाउंटेंसी के काम में मददगार साबित हुआ है, जहां एक ही डाटा की कई अलग-अलग एंट्री हो सकती है। लेकिन ऑडिट के काम में एआई सिर्फ डाटा दे सकता है, आंकलन और राय देने के काम में पेशेवर सीए की जरूरत बनी रहेगी।

श्री प्रसन्ना ने कहा, “कुल मिलाकर एआई से प्रदर्शन में सुधार होगा। यह मददगार है। बिना एआई को अपनाये आज के समय में सीए पहले की तरह अपनी प्रैक्टिस जारी नहीं रख सकते। इसलिए, हम इसका स्वागत करते हैं।”

उपाध्यक्ष मंगेश किनरे ने कहा कि एआई आने के बाद से सीए की मांग वास्तव में बढ़ गयी है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और बढ़ते कारोबार के साथ सीए की मांग भी बढ़ रही है।

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