
छतरपुर। सागर सीमा पर स्थित घुवारा का अबार माता मंदिर करीब 900 वर्ष पुराना है और अपनी अनोखी आस्था व मान्यताओं के कारण क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। बुधवार शाम मिली जानकारी के अनुसार, यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि रहस्यमयी मान्यताओं के चलते भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
मंदिर परिसर में मौजूद एक चमत्कारी चट्टान को लेकर लोगों में गहरी आस्था है। मान्यता है कि यह चट्टान समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ती रहती है और इसे स्पर्श करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। खासकर निःसंतान दंपत्ति संतान सुख की कामना लेकर यहां पहुंचते हैं और उनकी इच्छाएं पूरी होने की बात कही जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर में वर्षों से आस्था का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं और माता के दरबार में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं और रहस्यमयी चट्टान के कारण अबार माता मंदिर बुंदेलखंड क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
