
खंडवा। प्याज उत्पादक किसानों पर संकट गहराता जा रहा है। जिले में करीब 10 हजार हेक्टेयर में प्याज बोई गई थी, लेकिन बाजार में किसानों को मात्र 5 से 8 रुपए किलो के भाव मिल रहे हैं, जबकि लागत करीब 85,000 प्रति एकड़ तक पहुंच चुकी है। वर्तमान भाव पर किसानों को मुश्किल से 40,000 की आमदनी हो रही है, यानी 45,000 प्रति एकड़ का घाटा झेलना पड़ रहा है।
लगातार तीसरी फसल (सोयाबीन, मक्का और अब प्याज) में नुकसान से किसान निराश हैं। कई किसानों ने खेतों में खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिए हैं। किसान संगठनों ने सरकार से 25 प्रति किलो राहत राशि घोषित करने और प्याज निर्यात पर रोक न लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब निर्यात बंद होता है तो दाम गिर जाते हैं और पूरा नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है।
