भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किए जाने को महज प्रचार का अभियान बताते हुए राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। संयुक्त पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल और कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता राहुल राज ने कहा कि किसान समर्थन मूल्य पर खरीदी में प्रतिबंध, उर्वरकों की कमी, फसलों के गिरते दाम, बढ़ते कर्ज और फसल बीमा में कथित अनियमितताओं से जूझ रहे हैं।
शैलेन्द्र पटेल ने आरोप लगाया कि सरकार की खरीदी नीति के कारण मूंग उत्पादक किसानों को अपनी अधिकांश उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर बेचनी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि गेहूं, धान और सोयाबीन उत्पादकों को घोषित प्रोत्साहन राशि का लाभ नहीं मिला। साथ ही कई जिलों में उर्वरकों की कमी और कालाबाजारी होने का भी आरोप लगाया।
राहुल राज ने बताया कि कांग्रेस ने विधानसभा के जवाबों, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अभिलेखों तथा अन्य सरकारी दस्तावेजों के आधार पर ‘किसान कल्याण वर्ष-2026 आरोप पत्र’ तैयार किया है। उन्होंने समर्थन मूल्य पर खरीदी में कथित अनियमितताओं, गेहूं के स्टॉक में गड़बड़ी, फर्जी किसान पंजीयन और फसल बीमा दावों में कथित घोटालों का आरोप लगाया। उन्होंने बुरहानपुर में हालिया आंधी-तूफान से केले की फसल को हुए नुकसान के मामलों में किसानों को पर्याप्त राहत नहीं मिलने का भी मुद्दा उठाया।
कांग्रेस ने मूंग की पूरी उपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी, प्रमुख फसलों पर बोनस, मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने, उर्वरकों की बढ़ी कीमतें वापस लेने तथा खरीदी और फसल बीमा से जुड़े कथित घोटालों की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की।
