बागली: भारतीय जनता पार्टी हर योजना के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा अंत्योदय सुरक्षा के साथ लागू की जाती है। जिसका उद्देश्य यह है समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सुविधा देना उसे आर्थिक रूप से मदद देकर मुख्य विचारधारा में लाना है। लेकिन ग्राम पंचायत बेहरी की रहने वाली संतोषी बाई हर प्रकार से लाडली बहना योजना की पात्र है। वह निर्धन होने के साथ-साथ लाडली बहन की सभी पात्रता रखती है ।फिर भी शासनके सिस्टम के आगे वह फेल हो गई आज भी सुबह जल्दी उठकर घर से निकलती है। और बागली सब्जी मंडी जाकर थोड़ी बहुत सब्जी खरीद कर माथे पर टोपला रखते हुए गली मोहल्ले में सब्जी बेचती है।
जिससे उसके छोटे बच्चों का भरण पोषण करती है। संतोषी बाई ने बताया कि चुनाव के समय नेता और सचिव बी एर ओ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर आकर लाडली बहन योजना के फॉर्म भरवा रही थी ।तब भी उन्होंने आवेदन किया उसके बाद चार बार और आवेदन करने के बावजूद भी उन्हें लाडली बहन योजना की पात्रता नहीं मिली इस संबंध में सिस्टम से जुड़े सचिव एवं रोजगार सहायक का कहना है ।कि तकनीकी दृष्टि से उनका आवेदन पोर्टल पर स्वीकार नहीं हो रहा है।
इस वजह से वह अपात्र साबित हो रही है लेकिन वास्तव में पूरा गांव और क्षेत्र जानता है। की संतोषी बाई को आर्थिक मदद की कितनी आवश्यकता है। संतोषी बाई बताती है ।कि यदि शासन की योजना का लाभ होने मिलने लगे तो बीमार बच्चों की गोली दवाई के खर्चे के साथ-साथ अन्य खर्चे में मदद मिल जाएगी अभी तक ₹2000 से अधिक सिर्फ फॉर्म भरने के नाम पर वहां खर्च कर चुकी है। हर बार बैंक से खाता लिंक केवाईसी और अन्य त्रुटि बताकर उनका फॉर्म आगे नहीं बढ़ पा रहा जबकि बेहरी ग्राम मुख्यालय पर लखपति करोड़पति परिवारों के नाम इस योजना में है।बागली जनपद सीईओ राजीव मेडा को भी लिखित में आवेदन दे दिया गया अन्य जनप्रतिनिधियों से भी इस संबंध में चर्चा की गई लेकिन संतोषी बाई आज भी वंचित है। शासन की ओर से मिल रहे आर्थिक संसाधन से ऐसी कई महिलाओं की कहानी क्षेत्र में है जिन्हें शासन की योजनाएं नहीं मिल पा रही।
