यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की पहल: नीमच सहित 9 रेलवे स्टेशनों के पूछताछ केंद्र अब ठेके पर संचालित होंगे

नीमच। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंडल के अंतर्गत आने वाले नीमच सहित 9 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर संचालित 10 पूछताछ केंद्रों का संचालन अब आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 20 जुलाई से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। फिलहाल यह व्यवस्था एक वर्ष के लिए प्रायोगिक आधार पर लागू की जा रही है, जिसके बाद यात्रियों के फीडबैक और कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आगे निर्णय लिया जाएगा।

हैदराबाद की फर्म को मिली जिम्मेदारी

रेलवे प्रशासन ने पूछताछ केंद्रों के संचालन के लिए हैदराबाद की एक निजी फर्म को जिम्मेदारी सौंपी है। कंपनी को लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) जारी किया जा चुका है। यह एजेंसी उज्जैन, रतलाम, देवास, डॉ. अंबेडकर नगर, नागदा, नीमच, चित्तौडगढ़़, दाहोद और इंदौर रेलवे स्टेशनों के पूछताछ केंद्रों का संचालन करेगी।

नई व्यवस्था के तहत 39 आउटसोर्स कर्मचारी तीन शिफ्टों में 24 घंटे यात्रियों को सेवाएं देंगे। पूछताछ केंद्रों पर ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान, प्लेटफॉर्म नंबर, समय-सारणी, टिकट संबंधी जानकारी सहित अन्य आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

रेलवे कर्मचारियों का कार्यभार होगा कम

वर्तमान में पूछताछ केंद्रों पर रेलवे के चेकिंग एवं अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है, जिससे टिकट जांच और अन्य नियमित कार्य प्रभावित होते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन कर्मचारियों की सेवाएं टिकट बुकिंग, टिकट जांच और अन्य परिचालन कार्यों में ली जा सकेंगी। इससे स्टाफ की कमी दूर करने में भी मदद मिलेगी और रेलवे के राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।

स्थानीय भाषा जानना होगा जरूरी

रेलवे ने एजेंसी के कर्मचारियों के लिए हिंदी, अंग्रेजी और स्थानीय भाषा का ज्ञान अनिवार्य किया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण एवं स्थानीय यात्रियों को उनकी भाषा में बेहतर जानकारी और सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही यात्रियों के प्रति शिष्ट व्यवहार और त्वरित सहायता भी कर्मचारियों की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।

एक वर्ष तक होगी व्यवस्था की समीक्षा

रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि यह व्यवस्था यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और रेलवे कर्मचारियों का कार्यभार कम करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। एक वर्ष तक इसके संचालन, यात्रियों की प्रतिक्रिया और कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि व्यवस्था सफल रहती है तो इसे आगे भी जारी रखने पर विचार किया जाएगा।

रेलवे को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से पूछताछ केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, यात्रियों को त्वरित और संतोषजनक जानकारी मिलेगी तथा परिचालन व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।

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