इंदौर: क्राइम ब्रांच की टीम ने एक हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड के तीसरे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है. आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में रहने वाले एनआरआई युवक से भारत की मेट्रोमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर 2 करोड़ 68 लाख रुपए की ठगी की थी.आरोपियों ने इंस्टाग्राम मॉडल की तस्वीरें चुराकर मेट्रोमोनियल वेबसाइट पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाई और फरियादी से वैवाहिक रिश्ते के नाम पर बातचीत शुरू की. इसके बाद व्हाट्सएप कॉल्स और चैटिंग के माध्यम से भरोसा जीतकर फरियादी को जाल में फंसाया गया.
39 वर्षीय पीड़ित एनआरआई वेकेंट कलगा मूलतः आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं और वर्तमान में ग्रीन्सबोरो, नॉर्थ कैरोलिना में रहते हैं. उन्होंने शिकायत दर्ज कराई कि मार्च 2023 से जून 2024 के बीच उनसे 2,68,64,481 रुपए की ठगी की. इस पर क्राईम ब्रांच की टीम ने अहमदाबाद से विशाल जेसवानी को गिरफ्तार किया.
जबकि इंदौर से 27 वर्षीय सिमरन जेसवानी, 29 वर्षीय लव माखीजानी निवासी शिवधाम कॉलोनी, इंदौर (सिमरन का पति, तीसरा आरोपी) को गिरफ्तार कर लिया. ठगी की रकम से उन्होंने कर्ज चुकाया, चार व दोपहिया वाहन खरीदे. साथ ही व्यवसायिक गतिविधियों में खर्च कर दिए. आरोपियों के खिलाफ थाना अपराध शाखा थाने में प्रकरण दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे ठगी की राशि की पूरी जानकारी, अन्य संलिप्त व्यक्तियों, और साइबर नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है.
इस तरह की ठगी
आरोपी सिमरन ने मॉडल की फोटो का इस्तेमाल कर खुद को बरखा जेसवानी बताकर फरियादी से दोस्ती की और फिर विवाह का प्रस्ताव दिया. फिर विभिन्न बहानों जैसे बीमारी, अमेरिका आने का खर्च, पारिवारिक परेशानी आदि का हवाला देकर विशाल, सिमरन और लव ने मिलकर लाखों रुपए फरियादी से अपने व परिजनों के खातों में ट्रांसफर करवाए.
