‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उठे शिक्षा और छात्र समस्याओं से जुड़े मुद्दे

इंदौर:‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने शिक्षा नीतियों, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और अन्य समस्याओं को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं.कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी देखने को मिली. छात्रों ने मंच के माध्यम से अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं रखीं तथा व्यवस्था में सुधार की मांग की. कई छात्रों ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने अनुभव साझा करते हुए संबंधित समस्याओं के समाधान की आवश्यकता बताई.

कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए. उन्होंने छात्रों से संवाद किया और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को सुना. इस दौरान छात्रों को अपनी समस्याएं सीधे मंच पर रखने का अवसर मिला. राहुल गांधी ने छात्र हितों से जुड़े विषयों पर अपनी बात भी रखी. कार्यक्रम में छात्रों की मौजूदगी और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को चर्चा के केंद्र में ला दिया। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान रखी गई मांगों और समस्याओं पर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा. छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, व्यापम, एमपीपीएसी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा निकाला.

रतलाम से आए 50 छात्र
हम रतलाम जिले से लगभग 50 छात्र राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं. हमारा उद्देश्य छात्रों से जुड़े मुद्दों और उनकी समस्याओं को राहुल गांधी तक पहुँचाना है. नर्सिंग फील्ड से आई वर्षा ने बताया कि परीक्षाएँ समय पर नहीं होतीं और काफी देर से आयोजित की जाती हैं. इसके कारण रिजल्ट भी देरी से आता है, जिससे छात्रों को आगे की पढ़ाई और रोजगार के अवसरों में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हम चाहते हैं कि इन समस्याओं को राहुल गांधी के सामने रखा जाए, ताकि छात्रों की आवाज़ शासन-प्रशासन तक पहुँच सके. शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा और रिजल्ट में देरी, रोजगार के अवसर समेत छात्रों से जुड़े कई मुद्दे हैं, जिन पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है. हम ट्रेन से रतलाम से यहाँ आए हैं. कार्यक्रम स्थल पर काफी भीड़ है. अंदर प्रवेश मिले या नहीं, हमारी कोशिश रहेगी कि छात्रों की आवाज़ राहुल गांधी तक पहुँचे और इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ.
– वर्षा रतलाम

परीक्षाओं में पारदर्शिता, समयबद्धता सुनिश्चित करें
मैं सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा हूँ, लेकिन परीक्षाएँ समय पर न होने और परीक्षा कैलेंडर समय पर जारी न होने के कारण छात्रों की मेहनत और तैयारी प्रभावित होती है. कई बार लंबे समय तक परीक्षाएँ आयोजित नहीं होतीं, जिससे विद्यार्थियों में निराशा और असमंजस की स्थिति पैदा होती है.
छात्रों के सामने भ्रष्टाचार भी एक बड़ी चिंता का विषय है. इसके अलावा शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताएँ और नीट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक होने के मामले छात्रों के भविष्य को प्रभावित करते हैं.
इन्हीं महत्वपूर्ण मुद्दों और छात्रों की समस्याओं को अपनी आवाज़ देने के उद्देश्य से मैं रीवा से ‘छात्र की गूंज’ कार्यक्रम में आया हूँ. मेरा उद्देश्य है कि छात्रों की समस्याएँ जिम्मेदार लोगों तक पहुँचें और परीक्षाओं में पारदर्शिता, समयबद्धता तथा युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित किए जाएँ.
— शंकर सिंह रीवा

समस्याएं सामने रखने का मंच दिया
हम राहुल सर का धन्यवाद करना चाहते हैं कि उन्होंने इंदौर में ‘छात्र की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों की आवाज़ सुनी और हमारी समस्याएँ सामने रखने का मंच दिया. हम नर्सिंग की छात्राएं हैं. चार साल की पढ़ाई कई बार परीक्षा समय पर नहीं होने के कारण सात साल तक खिंच जाती है. कॉलेज प्रशासन की ओर से अलग-अलग कारण बताए जाते हैं, लेकिन इसका सीधा असर हमारे भविष्य पर पड़ता है. समय पर डिग्री नहीं मिलने से सरकारी नौकरी के अवसर और हमारी उम्र, दोनों प्रभावित होते हैं. छात्रवृत्ति को लेकर भी हमारी समस्याएँ हैं. फाइनल ईयर के छात्रों को कई बार पर्याप्त छात्रवृत्ति नहीं मिलती. हम चाहते हैं कि हमारी समस्याएँ जिम्मेदार लोगों तक पहुँचें और शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो. इसी उम्मीद से सैकड़ों छात्र-छात्राएँ यहाँ पहुँचे हैं.
– राधा यादव नर्सिंग छात्रा

खामियों में सुधार की जरूरत
पूरे मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं कई कमियाँ हैं, जिनमें सुधार की जरूरत है. छात्रों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए. मेरा मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को एक मंच पर जोड़कर उनकी समस्याओं को सामने लाया जा सकता है. जब छात्र एकजुट होकर अपनी आवाज़ उठाएँगे, तभी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी प्रयास हो सकेंगे. राहुल गांधी द्वारा छात्रों के लिए आयोजित ‘छात्र की गूंज’ कार्यक्रम में इन्हीं मुद्दों को सुनने, समझने और अपनी बात साझा करने के लिए मैं खरगोन से आई हूँ. उम्मीद है कि हमारी आवाज़ जिम्मेदार लोगों तक पहुँचेगी और छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे.
— आयुषी, मेडिकल कॉलेज, खरगोन

 

लाखों रुपए में सरकारी नौकरी बिक रही
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे मंडला के रहने वाले प्रिंस चौरसिया ने बताया कि हर जिले प्रदेश में युवा शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में हो रही धांधली से परेशान है. उन्होंने बताया कि में एसएससी की तैयारी कर रहा हूं. प्रयागराज में 2025 में पेपर लिक हुआ था. लाखों रुपए में पेपर लिक कर दिया. अब सरकार की विदाई तय है.

राहुल पीएम पद के लिए जरुरी
दोस्तों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए बलराम ने कहा कि पूरे देश में युवाओं पर लाठीचार्ज और केस दर्ज हो रहे है. लगातार पेपर लीक हो रहे हंै. शिक्षा माफियाओं का नेटवर्क बढ़ रहा है. शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर सरकार का रवैया गैरजिम्मेदार है. हम चाहते है राहुल पीएम बनकर देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाए.

पेपर लीक और शिक्षा माफियाओं पर चुप्पी
छात्र सुमेर गुर्जर का कहना है कि 2-3 साल से सरकारी परीक्षाओं के पेपर लिक हो रहे है इसका जवाब कौन देगा? छात्र जब सरकार से इसका जवाब मांगते है तो छात्रों को लाठीचार्ज और जेल मिलती है. हम मांग करते है कि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बने और राहुल गाँधी पीएम बने तो शिक्षा प्रणाली में सुधार हो और पेपर लिक के कानून को कड़ा किया जाए.

राहुल गाँधी से शिक्षा सुधार की उम्मीद है
स्टूडेंट शिवराज सिंह कहते है कि राहुल गंधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम से छात्रों के बीच उम्मीद की किरण जागी है. पूरे देश के छात्र केंद्र सरकार से नाराज है। पेपर लिक सरकार के लिए छोटी बात है लेकिन हमारे लिए पूरे साल की मेहनत है इसलिए युवा होने के तौर पर राहुल गाँधी से भविष्य में उम्मीदें है.

यह भी बोले छात्र
छात्र फैजान अली ने कहा कि वे बेहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज उठाने और राहुल गांधी के समर्थन में कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
छात्र रोहित पंवार ने नीट परीक्षा में पेपर लीक की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 2025-26 में नीट परीक्षा दी थी और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर वे कार्यक्रम में पहुंचे हैं।

छात्र शिवा बारिया ने कहा कि वे खराब शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने और राहुल गांधी के समर्थन में यहां आए हैं।

रितेश डोडियार ने कहा कि देश में शिक्षा का स्तर लगातार नीचे जाता जा रहा है, ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

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