
इंदौर. लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (विद्युत एवं यांत्रिकी संभाग) इंदौर में पदस्थ दो अधिकारियों को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया. दोनों आरोपी अपने ही कार्यालयीन कार्य के दौरान रिश्वत ले रहे थे.
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि ग्वालियर में रहने वाले एक फर्म के लायजनिंग मैनेजर ने शिकायत की थी कि उनकी कंपनी ने राऊ से बामपुरा तक करीब 20 लाख रुपए का इलेक्ट्रिक फिटिंग का काम किया था, जिसमें से 17 लाख रुपए का भुगतान लंबित था. भुगतान जारी करने के एवज में सहायक यंत्री प्रभारी कार्यपालन अधिकारी 4 प्रतिशत और उपयंत्री प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी 2 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे. शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर मंगलवार को ट्रैप दल गठित किया था. योजना के तहत कार्यालय पर दबिश देकर टीम ने सहायक यंत्री को 60 हजार और उपयंत्री को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया. दोनों आरोपी लोक निर्माण विभाग के विद्युत एवं यांत्रिकी संभाग इंदौर में पदस्थ हैं. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम तथा बीएनएस की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. सहाय ने बताया कि ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक आशुतोष मिठास सहित टीम के अन्य अधिकारियों की अहम भूमिका रही.
