नयी दिल्ली , 18 सितंबर (वार्ता) भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों को आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा और मजबूती, सम्पर्क सुविधाओं के विस्तार और बाजार में प्रवेश की बेहतर सुविधाओं के लिए काम करने का आह्वान किया है। एसएसीओ के आर्थिक और विदेश व्यापार मंत्रियों की 25वीं बैठक में भारत का पक्ष रखते हुए वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव यशवीर सिंह ने एससीओ की महत्वपूर्ण आर्थिक क्षमता और इस क्षमता को एससीओ के भीतर व्यापार में वृद्धि, व्यापार लागत में कमी, मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से ठोस परिणामों में बदलने के महत्व पर प्रकाश डाला। यह बैठक 17 सितंबर को ताजिकिस्तान के दुशांबे में संपन्न हुई। बैठक में एससीओ सदस्य देशों के बीच आर्थिक और विदेश व्यापार के क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा की गई और एससीओ ढांचे के भीतर व्यापार एवं आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ करने के उपायों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
श्री सिंह ने इससे पूर्व इसी वर्ष बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा व्यक्त किए गए दृष्टिकोण का हवाला देते हुए ” सुरक्षा, सम्पर्क और अवसर” इन तीन प्रमुख पर सहयोग गे महत्व पर बल दिया । उन्होंने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बढ़ाना, कुशल और विश्वसनीय सम्पर्क सुविधाओं का विकसित और व्यापक बाजार पहुंच के माध्यम से व्यवसायों के लिए अवसरों का विस्तार किया जाना समूह के देशों की आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
बैठक में भारत की ओर से व्यापार से जुड़ी लागत और समय को कम करने में व्यापार सुगमता और डिजिटलीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया गया। इस संदर्भ में, भारत ने सरल सीमा शुल्क प्रक्रियाओं, कागज रहित व्यापार और दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिक आदान-प्रदान के साथ-साथ मजबूत बहुआयामी सम्पर्क सुविधाओं और पारगमन के समय में कमी की आवश्यकता पर भी बल दिया।
भारत की ओर से एससीओ देशों के बीच कृषि, महत्वपूर्ण खनिजों, फार्मास्यूटिकल्स, विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखलाओं को विविधतापूर्ण बनाने और मजबूत करने के लिए एससीओ सदस्य देशों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया गया।
भारत ने ऊर्जा सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया तथा क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार में छोटे व्यवसायों की अधिक प्रभावी भागीदारी को सक्षम बनाने के महत्व को पहचानते हुए, भारत ने डिजिटल भुगतान, सीमा पार भुगतान और सुलभ व्यापार वित्त की भूमिका पर बल दिया।
वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एससीओ की अर्थव्यवस्थाओं की अधिक भागीदारी का आह्वान करते हुए भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को केंद्र में रखते हुए एक खुली, समावेशी और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में मंत्रियों ने ‘शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के आर्थिक और विदेश व्यापार मंत्रियों के वक्तव्य’ को पारित किया। मंत्रियों ने शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए 2026-2030 की कार्य योजना पर सहमति व्यक्त की, जिसे एससीओ सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों (प्रधानमंत्रियों) की परिषद द्वारा आगे अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। मंत्रियों ने ‘रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विकास पर शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के विशेष कार्य समूह पर हुई बातचीत ‘ को भी मंजूरी दी। अगली मंत्रिस्तरीय बैठक 2027 में उज्बेकिस्तान में आयोजित की जाएगी।

