-इंश्योरएआई 3.0 में ग्राहक अनुभव और कामकाज से जुड़े एआई समाधानों पर जोर
मुंबई, 17 सितंबर। भारत में प्राइवेट सेक्टर की अग्रणी जीवन बीमा कंपनियों में शामिल एचडीएफसी लाइफ ने अपने प्रमुख एआई आयोजन “इंश्योरएआई 3.0′ के तीसरे संस्करण में अपने कारोबार में एआई के बढ़ते इस्तेमाल को प्रदर्शित किया। इस वर्ष आयोजन की थीम ‘ह्यूमन एआई कोलैबोरेशन’ यानी ‘मानव और एआई का सहयोग’ रही। आयोजन में एचडीएफसी लाइफ की टीमों, उसके साझेदारों द्वारा विकसित एआई सॉल्यूशन पेश किए गए। इन सॉल्यूशन का उद्देश्य ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाना। सेवाओं में लगने वाला समय कम करना। निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करना। कंपनी की आंतरिक प्रक्रियाओं को अधिक बेहतर और स्मार्ट बनाना है।
कंपनी और उसके सॉल्यूशन साझेदारों ने बिक्री, ग्राहक सेवा, अंडरराइटिंग, क्लेम्स और ऑपरेशंस से जुड़े एआई आधारित नए सॉल्यूशंस प्रदर्शित किए। इनसे यह भी सामने आया कि कंपनी में एआई का इस्तेमाल अब अलग-अलग मामलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे पूरे संगठन की कामकाजी क्षमता का हिस्सा बनाया जा रहा है। आयोजन में एंटरप्राइज स्तर के कुल 33 एआई आधारित सॉल्यूशन प्रदर्शित किए गए।
“इंश्योरएआई’ के तीसरे सीजन में एआई के इस्तेमाल से जुड़े नौ प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों को शामिल किया गया। इनमें वॉयस एआई, विजन एआई, डेवलपर एआई, एजेंटिक एआई, सेल्स एआई, टेक इनोवेशन, शिकायतों का विश्लेषण और ग्राहक सेवा, डू-इट-योरसेल्फ यानी कर्मचारियों के लिए खुद करके सीखने का सत्र और कर्मचारी उत्पादकता शामिल रहे। ये सभी क्षेत्र एचडीएफसी लाइफ में एआई के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाते हैं।
एचडीएफसी लाइफ के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर समीर योगेश्वर ने कहा, “ “इंश्योरएआई’ एचडीएफसी लाइफ का प्रमुख एआई आयोजन है। यहां हम न केवल अपनी तकनीक में हो रहे बदलावों को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि उस सहयोग को भी सामने लाते हैं, जो पूरे संगठन में बेहतर कामकाज को संभव बनाता है। इस साल हमारी थीम ‘ह्यूमन एआई कोलैबोरेशन’ जानबूझकर रखी गई है। इसके जरिए हमने इस बात पर जोर दिया कि जब एआई और इंसानी समझ साथ मिलकर काम करते हैं, तो कामकाज में उत्कृष्टता, ग्राहकों की संतुष्टि और कार्यक्षमता को बेहतर किया जा सकता है। हमारी टीमों और साझेदारों ने ऐसे नए सॉल्यूशन प्रदर्शित किए हैं, जिनकी मदद से हम आंतरिक और बाहरी, दोनों तरह के ग्राहकों के लिए पहली बार कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध करा पाए हैं। मेरा मानना है कि आने वाले वर्षों में भी एचडीएफसी लाइफ इसी दिशा में आगे बढ़ती रहेगी।”
प्रदर्शित किए गए समाधानों में जनरेटिव एआई से संचालित वॉयस बॉट शामिल हैं। यह ग्राहक सेवा, क्रॉस-सेल और पॉलिसी जारी रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा शिकायतों का पहले से अनुमान लगाने और उनके जवाब तैयार करने में एआई की मदद। धोखाधड़ी की जांच के लिए एआई आधारित समाधान। चेहरे की पहचान और व्यक्ति के वास्तविक होने की पुष्टि करने वाली तकनीक तथा बायोनिक अंडरराइटिंग भी प्रदर्शित की गई। “बायोनिक अंडरराइटिंग’ में तकनीक के जरिए होने वाले ऑटोमेटेड काम के साथ इंसानी निगरानी भी शामिल होती है।
इन एआई क्षमताओं को एचडीएफसी लाइफ की टीमें विकसित कर रही हैं। इन्हें एक एकीकृत गवर्नेंस फ्रेमवर्क के जरिए बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है। इस पूरे एआई तंत्र के केंद्र में “गैलेक्सी 2.0′ है। यह एचडीएफसी लाइफ का एकीकृत प्लेटफॉर्म है। यह कंपनी में नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से एआई को अपनाने के लिए साझा आधार उपलब्ध कराता है। इसकी मदद से कंपनी एआई की क्षमताओं को जिम्मेदारी के साथ विकसित करने और पूरे संगठन में बड़े स्तर पर लागू करने पर काम कर रही है।
